हिंदू देवी-देवताओं का स्वरूप धारण करने पर रोक लगे – महंत मनोज शर्मा

पोल खोल चंडीगढ़
विश्व हिंदू परिषद चंडीगढ़ (पंजाब प्रांत) के पूर्व सोशल मीडिया प्रभारी महंत मनोज शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर देशभर में हिंदू देवी-देवताओं का स्वरूप धारण करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
महंत शर्मा ने अपने पत्र में कहा कि फिल्मों, नाटकों, टीवी सीरियल, झांकियों और रामलीला में देवी-देवताओं का स्वरूप धारण करना न केवल उनकी गरिमा और पवित्रता को ठेस पहुँचाता है, बल्कि यह भारतीय दंड संहिता की धारा 295A के अंतर्गत धार्मिक भावनाओं को आहत करने का अपराध भी है। कई बार इन स्वरूपों को हास्य या नकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे समाज में विवाद और असहमति पैदा होती है।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर समाज में गहरी खींचतान और मतभेद उत्पन्न हो चुके हैं। कुछ समितियाँ महिलाओं को देवताओं का स्वरूप धारण करने से रोकती हैं, जबकि महिलाएँ तर्क देती हैं कि जब पुरुष देवियों का स्वरूप धारण कर सकते हैं तो उन्हें भी देवताओं का स्वरूप धारण करने की अनुमति मिलनी चाहिए। इस प्रकार का विवाद हिंदू समाज में विभाजन और वैमनस्य को जन्म दे रहा है।
महंत मनोज शर्मा ने मांग की है कि संसद द्वारा एक विशेष अधिनियम लाया जाए, जिसके तहत देवी-देवताओं का स्वरूप धारण पूर्णतः प्रतिबंधित हो और उल्लंघन करने वालों पर कारावास व आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान किया जाए। साथ ही यह कानून राष्ट्रीय स्तर पर समान रूप से लागू किया जाए ताकि किसी भी राज्य में इसकी उपेक्षा न हो।
उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसा कानून न केवल हिंदू धर्म और संस्कृति की रक्षा करेगा, बल्कि देशभर में फैली अनावश्यक बहस को समाप्त कर सामाजिक सौहार्द और आस्था की गरिमा को सुरक्षित रखेगा।













