मोतियों का हार और लटकती जीभ ने बनाया स्टार, जिन्नी लू बनी ‘सबसे बदसूरत कुतिया’
दक्षिण कोरिया से रेस्क्यू हुई छह वर्षीय पग ने जीता 2026 World’s Ugliest Dog Contest

सांता रोजा। दुनिया की सबसे अनोखी कुत्तों की प्रतियोगिताओं में शामिल World’s Ugliest Dog Contest में इस बार छह वर्षीय पग जिन्नी लू ने खिताब अपने नाम कर लिया। 14 अगस्त को कैलिफोर्निया के सांता रोजा में आयोजित प्रतियोगिता में जिन्नी लू ने आठ अन्य प्रतियोगियों को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता की यह 50वीं वर्षगांठ भी थी।
जिन्नी लू की पहचान उसकी बाहर निकली और लगातार लटकती लंबी जीभ, उभरी आंखों तथा चेहरे की गहरी झुर्रियों से होती है। उसका अनोखा अंदाज और आत्मविश्वास भी निर्णायकों को प्रभावित करने में सफल रहा। खास बात यह है कि वह इससे पहले भी प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी थी। चौथे प्रयास में उसे आखिरकार चैंपियन बनने का मौका मिला। पिछले वर्ष वह दूसरे स्थान पर रही थी।
जिन्नी लू की मालकिन मिशेल ग्रेडी कैलिफोर्निया के उकिया में रहती हैं। खिताब जीतने पर दोनों को ट्रॉफी के साथ 5,000 डॉलर का पुरस्कार मिला। उसकी तस्वीर सीमित संस्करण वाले Mug Root Beer के कैन पर भी दिखाई जाएगी। दूसरे स्थान पर पिंकी नाम की चिहुआहुआ-पोमेरेनियन मिक्स और तीसरे स्थान पर चिहुआहुआ मिक्स ओटो रहा।
मोतियों का हार बना खास पहचान
जिन्नी लू का रूप भले ही असामान्य हो, लेकिन उसका व्यवहार बेहद आकर्षक बताया जाता है। मालकिन के अनुसार वह शांत, प्यार करने वाली और जिज्ञासु है। उसे चीजों की तलाश करना, पर्स में झांकना और आईने में खुद को देखना पसंद है। उसके लिए नाम वाला मोतियों का हार भी तैयार कराया गया, जो उसकी पहचान का हिस्सा बन गया है।
दक्षिण कोरिया से अमेरिका तक पहुंची
जिन्नी लू की कहानी उसके रूप से कहीं ज्यादा खास है। रिपोर्टों के अनुसार करीब चार साल पहले उसे दक्षिण कोरिया में बेहद खराब परिस्थितियों से रेस्क्यू किया गया था। बाद में वह अमेरिका पहुंची, जहां उसे नया घर और बेहतर जीवन मिला। आज वही कुतिया प्रतियोगिता जीतकर सुर्खियों में है।
प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल कुत्तों के रूप का आकलन करना नहीं, बल्कि उनकी अनोखी खूबसूरती, व्यक्तित्व और संघर्ष की कहानियों को सामने लाना है। इसके जरिए रेस्क्यू किए गए कुत्तों को गोद लेने का संदेश भी दिया जाता है।
जिन्नी लू अब पशु कल्याण गतिविधियों में भी शामिल है। वह स्कूलों में जाकर लोगों को रेस्क्यू किए गए जानवरों को अपनाने के लिए प्रेरित करती है और हॉस्पिस तथा मेमोरी-केयर सेंटरों में लोगों के साथ समय बिताती है।
इस तरह जिन्नी लू का खिताब केवल एक प्रतियोगिता की ट्रॉफी नहीं, बल्कि उसके जीवन में आए बदलाव की कहानी बन गया है। कभी मुश्किल परिस्थितियों से बचाई गई यह पग आज अपनी लटकती जीभ, अनोखे चेहरे और मोतियों के हार के कारण दुनिया भर में पहचान बना चुकी है।













