जिला अस्पताल की ओपीडी में अव्यवस्था, दो ऑपरेटरों के भरोसे सैकड़ों मरीज; घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर
पर्ची कटवाने के लिए सुबह से लग रही लंबी लाइनें, उमस और इंतजार से मरीज बेहाल; अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग तेज

सिंगरौली। जिला अस्पताल ट्रॉमा सेंटर में ओपीडी व्यवस्था इन दिनों चरमराई हुई नजर आ रही है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते मरीजों और उनके परिजनों को ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। उमस भरे मौसम और धीमी कार्यप्रणाली के कारण दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, ओपीडी काउंटर पर सुचारु व्यवस्था के लिए कम से कम चार ऑपरेटरों की आवश्यकता है, लेकिन पिछले कई दिनों से केवल दो ऑपरेटर ही कार्यरत हैं। इन्हीं दो कर्मचारियों पर प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों की पर्ची बनाने का जिम्मा है। कर्मचारियों की कमी के कारण पंजीयन की प्रक्रिया धीमी हो गई है, जिससे सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं।
अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि वे सुबह जल्दी अस्पताल पहुंचने के बावजूद कई घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करते हैं। गंभीर मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल परिसर में पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं होने और पेयजल की समुचित सुविधा के अभाव से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन को कर्मचारियों की कमी और बढ़ती भीड़ की जानकारी होने के बावजूद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। इससे प्रतिदिन मरीजों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ओपीडी काउंटर पर तत्काल अतिरिक्त ऑपरेटरों की तैनाती की जाए, ताकि पर्ची बनाने की प्रक्रिया तेज हो सके और मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।













