जेपीएससी भर्ती रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक, 2600 से अधिक कर्मचारियों को मिली राहत

रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षाओं के माध्यम से हुई नियुक्तियों को रद्द करने वाली सरकारी अधिसूचनाओं के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है। इससे 2600 से अधिक चयनित और नियुक्त कर्मचारियों को तत्काल बड़ी राहत मिली है।
मामला भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। राज्य सरकार ने जांच के आधार पर कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। इसके बाद पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया था। प्रभावित अभ्यर्थियों ने सरकारी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन बिना व्यक्तिगत दोष तय किए सभी चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां रद्द करना उचित नहीं है। उनका कहना था कि जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ किसी तरह की गड़बड़ी में शामिल होने का प्रमाण नहीं है, उन्हें सामूहिक कार्रवाई का नुकसान नहीं दिया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने फिलहाल नियुक्तियां रद्द करने संबंधी सरकारी आदेशों के अमल पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। हालांकि अदालत का यह आदेश अंतरिम है और इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।
इस मामले में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता, चयनित अभ्यर्थियों के अधिकार और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे जुड़े हैं। अब मामले की अगली सुनवाई में सरकार का पक्ष और जांच से संबंधित तथ्य सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।













