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हर्रहवा ऐश डाइक फिर खिसका, खेतों में पहुंचा राखड़-मलबा

धान सहित खरीफ फसलों को नुकसान का अंदेशा, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता; सासन पावर प्रबंधन पर उठे सवाल

सिंगरौली। बैढ़न विकासखंड क्षेत्र के हर्रहवा स्थित रिलायंस सासन पावर के ऐश डाइक (राखड़ बांध) को लेकर ग्रामीणों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। शनिवार रात बांध की मेढ़ का मलबा धीरे-धीरे खिसककर आसपास के खेतों में पहुंच गया, जिससे धान समेत अन्य खरीफ फसलों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि पिछले करीब 10 दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर हैं। इसी बीच 14 अगस्त की रात हर्रहवा ऐश डाइक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। अब 22 अगस्त की रात दोबारा मेढ़ का मलबा खिसकने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।ग्रामीणों का आरोप है कि ऐश डाइक की स्थिति लगातार खराब हो रही है और प्रबंधन की लापरवाही के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि राखड़ और मिट्टी खेतों तक पहुंचने से किसानों की मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि सूचना मिलते ही कंपनी प्रबंधन ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कराया, जिसके बाद ग्रामीणों ने कुछ राहत महसूस की, लेकिन खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं है।

कलेक्टर के नोटिस का जवाब अब भी सार्वजनिक नहीं
14 अगस्त की घटना के बाद कलेक्टर ने सासन पावर कंपनी के महाप्रबंधक को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा था। नोटिस में बताया गया था कि ऐश डाइक के बाहरी हिस्से से लैंड स्लाइड होने के कारण लगभग 5760 टन फ्लाई ऐश आसपास के खेतों और आवासीय क्षेत्रों में फैल गई थी, जिससे पर्यावरण और फसलों को नुकसान पहुंचा।सूत्रों के अनुसार कंपनी प्रबंधन ने नोटिस का जवाब दिया है, लेकिन उसमें दिए गए तथ्यों को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। ग्रामीण अब मांग कर रहे हैं कि कंपनी द्वारा दिए गए जवाब और बांध की सुरक्षा से जुड़े तथ्यों को सामने लाया जाए।

बार-बार की घटना से किसानों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि ऐश डाइक के नीचे राखड़ और ऊपर मिट्टी की परत होने से बारिश के समय खतरा बढ़ जाता है। शनिवार को मलबा खिसकने के दौरान राखड़ खेतों में फैल गई, जिससे किसानों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से स्थायी समाधान की मांग की है।एसडीएम सिंगरौली सुरेश जाधव ने बताया कि मरम्मत कार्य के दौरान बांध की कुछ मिट्टी खिसकी थी, जिसे ठीक करा दिया गया है। जानकारी मिलने पर तहसीलदार को मौके पर भेजा गया था, जिन्होंने स्थल निरीक्षण कर स्थिति से अवगत कराया है।

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