भारतीय छात्रों पर फ्रांस की नजर, 2030 तक 30 हजार को देगा उच्च शिक्षा का मौका
एआई से इंजीनियरिंग और गेमिंग तक बढ़ेंगे अवसर, चार शहरों में लगेगा ‘चूज फ्रांस टूर’

नई दिल्ली। विदेश में उच्च शिक्षा का सपना देख रहे भारतीय विद्यार्थियों के लिए फ्रांस ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। फ्रांस वर्ष 2030 तक 30 हजार भारतीय छात्रों को अपने उच्च शिक्षण संस्थानों से जोड़ना चाहता है। इसके लिए पारंपरिक डिग्री के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, नवाचार, एनीमेशन और गेमिंग जैसे तेजी से उभरते क्षेत्रों में भी अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
कैंपस फ्रांस के अनुसार, वर्ष 2024-25 में फ्रांस में पढ़ने वाले भारतीय विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर करीब 9,100 हो गई। वहीं विद्यार्थी विनिमय और अल्पकालिक पाठ्यक्रमों को शामिल करने पर 2025 में यह संख्या करीब 12 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में 2030 का लक्ष्य मौजूदा संख्या से काफी बड़ा है।
भारतीय छात्रों तक पहुंच बढ़ाने के लिए अक्टूबर में ‘चूज फ्रांस टूर’ आयोजित किया जाएगा। इसमें 50 से अधिक फ्रांसीसी उच्च शिक्षण संस्थानों के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम मुंबई, पुणे, नई दिल्ली और बेंगलुरु में होगा। विद्यार्थी संस्थानों, पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया और करियर विकल्पों की जानकारी सीधे हासिल कर सकेंगे।
कैंपस फ्रांस की ओर से छात्रवृत्ति, वीजा, आवास और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी। इससे विदेश जाकर पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों की व्यावहारिक दिक्कतें कम करने की कोशिश होगी।
भारत-फ्रांस शिक्षा संबंध अब केवल विद्यार्थियों के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश एआई, नवाचार और शोध के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं। रचनात्मक उद्योगों में भी एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों को जोड़ा जा रहा है।
फ्रांस का 30 हजार भारतीय छात्रों का लक्ष्य इसी व्यापक रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है। इससे आने वाले वर्षों में भारतीय युवाओं के लिए पढ़ाई के साथ शोध, कौशल विकास और अंतरराष्ट्रीय करियर के नए रास्ते खुल सकते हैं।













