क्षतिग्रस्त एसडाईक में फ्लाईएश निस्तारण पर कलेक्टर की सख्ती—तत्काल रोक, दूसरे एसडाईक में होगी व्यवस्था
डिजाइन से निर्माण तक तकनीकी समीक्षा के निर्देश, प्रभावितों को क्षतिपूर्ति में नहीं होगी देरी

सिंगरौली,। कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में रिलायंस सासन पावर के ऐशडाईक के मरम्मत कार्य की प्रगति एवं ऐशडाईक से प्रभावित क्षेत्र में किए जा रहे पुनरुद्धार कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर ने क्षतिग्रस्त ऐशडाईक में फ्लाईऐश के निस्तारण पर तत्काल प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फ्लाईऐश का निस्तारण अन्य ऐशडाईक में किया जाए तथा इसके सुरक्षित प्रबंधन के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, भोपाल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऐशडाईक का मरम्मत कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुसार पूर्ण कराया जाए। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी रतिभान ठाकुर को निर्देश दिए कि संबंधित ऐशडाईक में चल रहे मरम्मत कार्य का भौतिक सत्यापन कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि क्षतिग्रस्त ऐशडाईक में किसी भी स्थिति में फ्लाईऐश का निस्तारण न हो। कलेक्टर ने बताया कि 3 सितम्बर को भोपाल से आने वाले जांच दल द्वारा ऐशडाईक का निरीक्षण कर उसकी स्थिरता संबंधी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच रिपोर्ट में ऐशडाईक की संरचना अथवा निर्माण में किसी प्रकार की तकनीकी खामी सामने आती है, तो संबंधित कंपनी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर ने ऐशडाईक क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित क्षेत्र में किए जा रहे पुनरुद्धार कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावित नागरिकों का सर्वे शीघ्र पूर्ण कर उनकी फसलों एवं अन्य क्षतियों का आकलन करते हुए समय पर क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रभावित खेतों का मृदा परीक्षण कराने तथा आवश्यकतानुसार भूमि का पुनरुद्धार कर आगामी फसल की बुवाई से पूर्व खेतों को तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि आगामी फसल से पूर्व भूमि का पुनरुद्धार संभव नहीं हो पाता है, तो प्रभावित किसानों को आगामी फसल को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर ने फ्लाईऐश प्रबंधन की समीक्षा करते हुए कंपनी को इसके सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के लिए वैकल्पिक विकल्पों का उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि गोरबी कोल माइंस की बंद खदानों में फ्लाईऐश के निस्तारण की अनुमति प्राप्त करने के लिए कोयला मंत्रालय, भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए। उन्होंने ऐशडाईक के आसपास की भूमि का अधिग्रहण कर वृहद स्तर पर पौधरोपण कराने तथा क्षेत्र में बफर जोन विकसित करने के संबंध में भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ऐशडाईक की नियमित एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उपखण्ड अधिकारी श्री सुरेश जाधव, प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी श्री रतिभान ठाकुर सहित संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।













