बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़मध्य प्रदेशसिंगरौली

हर्रा चंदेल में ‘सुनामी’ जैसे हालात, घरों में घुसा पानी तो मची अफरा-तफरी

माड़ी जलाशय की मुख्य नहर क्रमांक-2 क्षतिग्रस्त होने से पानी निकासी प्रभावित, साकेत बस्ती सहित कई घर जलमग्न; रेलवे के सहयोग से कराया गया पानी का निकास

सिंगरौली/जनपद पंचायत देवसर क्षेत्र की ग्राम पंचायत हर्रा चंदेल में भारी बारिश के बीच जलभराव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सुबह जब लोगों ने घरों से बाहर निकलकर देखा तो कई घरों में पानी ही पानी भरा हुआ था। अचानक घरों में पानी घुसने से पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने परिवार व जरूरी सामान को सुरक्षित करने के लिए घरों से बाहर निकलने लगे।

ग्रामीणों के अनुसार जल संसाधन विभाग, मध्यप्रदेश शासन के माड़ी जलाशय की मुख्य नहर क्रमांक-2 क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित हुई, जिसके चलते बारिश का पानी साकेत बस्ती सहित आसपास के मोहल्लों में जमा हो गया। जलभराव इतना अधिक रहा कि लोगों को अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।


समाजसेवी गुलाम नबी ने संभाला मोर्चा
स्थिति की जानकारी मिलते ही समाजसेवी एवं कांग्रेस ब्लॉक उपाध्यक्ष गुलाम नबी अंसारी ने प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या को देखा और पानी निकासी के लिए प्रयास शुरू किए। उन्होंने स्थानीय शासन-प्रशासन को सूचना देने के साथ ही रेलवे विभाग से सहयोग लेकर जलभराव वाले क्षेत्र से पानी की निकासी का इंतजाम कराया।

स्थानीय लोगों के सहयोग से पानी निकालने का प्रयास शुरू होने के बाद प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिली। ग्रामीणों ने बताया कि समय रहते पानी की निकासी शुरू नहीं की जाती तो हालात और गंभीर हो सकते थे।

साकेत और मुस्लिम परिवार भी प्रभावित
जलभराव की चपेट में रामचरित पिता गंगा साकेत, लालचंद पिता दुलारे साकेत, दशरथ पिता रघुवंशी साकेत, राजपति पिता रघुवंशी, जगदीश पिता गंगा साकेत, बैजनाथ पिता रामसुंदर साकेत, रामशरण पिता रघुवर साकेत, नारद पिता पन्नालाल साकेत, भारत पिता पन्नालाल साकेत, प्रेमलाल पिता दुलारे साकेत, रामदास पिता दुलारे साकेत, विश्वामित्र पिता मिठाईलाल साकेत सहित कई परिवारों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।वहीं मुस्लिम समाज के मोहम्मद जलील पिता करमुल्ला, मुख्तार पिता किताब बक्स, नासिर पिता रहीमान, जलालुद्दीन पिता शुक्रुल्ला और जमालुद्दीन पिता शुक्रुल्ला सहित अन्य परिवार भी जलभराव से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

कुछ मकानों में दरार आने की भी खबर
लगातार जलभराव के कारण कुछ मकानों में दरारें आने की भी खबर है। इससे प्रभावित परिवारों में चिंता और भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में बारिश के दौरान फिर ऐसी स्थिति बन सकती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और जल संसाधन विभाग से मांग की है कि क्षतिग्रस्त मुख्य नहर क्रमांक-2 का तत्काल निरीक्षण कराकर स्थायी मरम्मत कराई जाए, साथ ही प्रभावित बस्ती का सर्वे कराकर मकानों में हुई क्षति का आकलन किया जाए और जरूरतमंद परिवारों को नियमानुसार राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल जलभराव की समस्या नहीं, बल्कि पानी की निकासी व्यवस्था और क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत से जुड़ा गंभीर जनहित का मुद्दा है। समय रहते स्थायी समाधान नहीं हुआ तो अगली तेज बारिश में हालात और बिगड़ सकते हैं।

Author

Related Articles

Back to top button