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भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करेगी सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जानापाव की पावन धरती से भगवान श्रीकृष्ण को मिला था सुदर्शन चक्र

भोपाल :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जानापाव वह गौरवशाली धरती है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था। यह पवित्र और गौरवशाली स्थान है। महर्षि परशुराम की जन्मस्थली और साढ़े सात नदियों के उद्गम वाले इस पावन स्थल पर जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करना सभी का सौभाग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर जिले के जानापाव में महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किए जाने वाले भगवान श्री परशुराम लोक एवं भगवान श्रीकृष्ण लोक के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को महर्षि परशुराम द्वारा प्रदान किया गया सुदर्शन चक्र उनके जीवन में धर्म और सत्य की रक्षा का महत्वपूर्ण अस्त्र बना। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन में सत्य, धर्म, पराक्रम और पुरुषार्थ का संदेश दिया। शिशुपाल प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बुआ को दिए वचन के अनुसार शिशुपाल की सौ गलतियों तक क्षमा किया और इसके बाद धर्म की रक्षा के लिए उसका अंत किया।

5000 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को सामने लाएगी सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम से गहरा संबंध रहा है। सरकार इस लगभग 5000 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को फिर से सामने लाने के लिए कार्य कर रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश में जहाँ-जहाँ अपने चरण रखे, उन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार भगवान श्रीराम के चरण जहाँ-जहाँ पड़े, उन स्थलों को भी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट धाम, जानापाव, श्रीराम के वनगमन से जुड़े आश्रम और अन्य पौराणिक स्थलों के साथ भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को भी विकसित करने की योजना है। भगवान श्रीकृष्ण के मध्यप्रदेश से संबंध को दर्शाने वाले स्थलों में रुक्मिणी हरण से जुड़े क्षेत्र तथा धार जिले में हुए युद्ध से संबंधित स्थानों को भी विकसित कर उनके गौरवशाली इतिहास को जीवंत किया जाएगा।

महाकाल लोक की तर्ज पर 17 करोड़ रूपये से विकसित होगा परशुराम लोक और श्रीकृष्ण लोक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में बड़ा परिवर्तन आया है। महाकाल लोक के विकास के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी दिशा में जानापाव को भी देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र और आध्यात्मिक चेतना पीठ के रूप में विकसित किया जा रहा है। महाकाल लोक की तर्ज पर लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से ‘श्रीपरशुराम लोक’ एवं ‘श्रीकृष्ण लोक’ का निर्माण किया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत यज्ञ कुंड का पुनर्विकास, भव्य ऑडिटोरियम, ध्यान कुटीर, हर्बल गार्डन, लैंडस्केपिंग, बहुउद्देशीय भवन तथा जनसुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए पहाड़ी पर रोपवे निर्माण भी कार्य योजना में शामिल है।

धर्म, सत्य और पराक्रम का संदेश देते हैं भगवान श्रीकृष्ण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोपाल के रूप में गायों का पालन करते हुए वन-वन विचरण किया और सामान्य जीवन से लेकर महाभारत के विराट प्रसंग तक मानव जीवन को अनेक संदेश दिए। उन्होंने गीता के माध्यम से दुनिया को कर्म, धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सिखाता है कि जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में सत्य और धर्म के लिए खड़े रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे पवित्र स्थलों का विकास केवल पर्यटन की दृष्टि से नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के लिए भी आवश्यक है। जानापाव में विकसित होने वाला ‘श्रीपरशुराम लोक’ एवं ‘श्रीकृष्ण लोक’ इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। दही हांडी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानापाव स्थित मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, सांसद सुश्री कविता पाटीदार, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्री श्रवण चावड़ा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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