किसान पंजीयन के लिए एग्रीस्टैक फार्मर आईडी अनिवार्य
जिले में 31 केंद्रों पर 10 अक्टूबर तक होगा किसान पंजीयन
सिंगरौली, 18 सितम्बर 2026। उपायुक्त सहकारिता पी.के मिश्रा द्वारा अवगत कराया गया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए जिले में किसान पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। उप आयुक्त सहकारिता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कलेक्टर श्री गौरव बैनल के निर्देशानुसार जिले में किसान पंजीयन के लिए कुल 31 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। पंजीयन कार्य 15 सितम्बर से प्रारंभ होकर 10 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। किसान अपने नजदीकी सहकारी समिति के पंजीयन केंद्र के साथ-साथ एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर एवं लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से भी अपना पंजीयन करा सकते हैं। किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भूमि संबंधी खसरा, रकबा तथा बोई गई फसल की जानकारी एग्रीस्टैक डेटाबेस से प्राप्त की जाएगी। एग्रीस्टैक में संबंधित किसान के दर्ज खसरे की जानकारी के आधार पर ही पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
उपायुक्त सहकारिता द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे समय रहते एग्रीस्टैक में अपना पंजीयन कराकर एग्रीस्टैक फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से बनवा लें तथा अपने सभी संबंधित खसरों को एग्रीस्टैक में दर्ज कराना सुनिश्चित करें। इससे किसान पंजीयन के दौरान भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी के सत्यापन में अनावश्यक कठिनाई से बच सकेंगे। सिकमी एवं बटाईदार किसानों के लिए भी पंजीयन की व्यवस्था की गई है। ऐसे किसानों को निर्धारित प्रारूप में अनुबंध तैयार कर उसकी प्रति संबंधित पंजीयन केंद्र पर प्रस्तुत करनी होगी। पंजीयन केंद्र द्वारा अनुबंध की प्रति ई-उपार्जन पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी पात्र किसानों से निर्धारित अवधि के भीतर पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण कराने तथा आवश्यक अभिलेख एवं जानकारी समय पर उपलब्ध कराने की अपील की है।












