चलती पवन एक्सप्रेस में मां की गोद से उछलकर इमरजेंसी खिड़की से ट्रैक पर गिरी डेढ़ साल की बच्ची, यात्रियों ने चेन पुलिंग कर बचाई जान

जबलपुर। मुजफ्फरपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनल पवन एक्सप्रेस में सफर कर रही डेढ़ साल की बच्ची अचानक चलती ट्रेन से नीचे ट्रैक पर जा गिरी। हादसा कटनी और जबलपुर के बीच हुआ। घटना के समय ट्रेन करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। बच्ची इमरजेंसी खिड़की से करीब आठ फीट नीचे रेलवे ट्रैक पर बिछी नुकीली गिट्टियों के बीच जा गिरी। अचानक बेटी के गायब होने से मां संजीदा खातून बदहवास हो गईं। यात्रियों को बच्ची के ट्रेन से बाहर गिरने की आशंका हुई तो उन्होंने तत्काल चेन पुलिंग की और ट्रेन रुकते ही ट्रैक की ओर दौड़ पड़े।
बताया गया कि संजीदा खातून उम्र 26 वर्ष मुजफ्फरपुर की रहने वाली हैं। उनके पति मुंबई में नौकरी करते हैं। वह अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ मुजफ्फरपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल मुंबई जा रही थीं। यात्रा के दौरान वह लोअर बर्थ पर बच्ची को अपने पास लिटाकर मोबाइल देख रही थीं। इसी दौरान बच्ची उठकर इमरजेंसी खिड़की के पास पहुंच गई और उसकी रॉड पकड़कर खड़ी हो गई। ट्रेन के अचानक झटके से बच्ची का संतुलन बिगड़ा और वह खिड़की से बाहर जा गिरी।
बेटी के अचानक गायब होने पर मां को कुछ समझ नहीं आया। आसपास बैठे यात्रियों ने जब खिड़की की ओर देखा तो बच्ची के बाहर गिरने की आशंका जताई। इसके बाद यात्रियों ने बिना समय गंवाए चेन खींचकर ट्रेन रुकवाई। ट्रेन रुकते ही कुछ यात्री ट्रैक पर पहुंचे और बच्ची को घायल हालत में उठाकर वापस ट्रेन के पास लाए। बच्ची के सिर, पीठ, हाथ और पैरों में चोट लगी थी तथा शरीर के कई हिस्सों से खून निकल रहा था।
यात्रियों ने बताया कि इमरजेंसी खिड़की में सामान्य खिड़की की तुलना में कम रॉड लगी हुई थीं। बच्ची रॉड पकड़कर खड़ी होने की कोशिश कर रही थी, तभी ट्रेन के झटके के कारण वह खुली जगह से बाहर जा गिरी। करीब आठ फीट की ऊंचाई और तेज रफ्तार ट्रेन से गिरने के बावजूद बच्ची के जीवित मिलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
पवन एक्सप्रेस के जबलपुर स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ और वाणिज्य विभाग की टीम ने घायल बच्ची और उसकी मां को अटेंड किया। बच्ची को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के कारण उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
संजीदा ने बताया कि जबलपुर में उनका कोई परिचित नहीं है और वह बेटी का आगे का इलाज मुंबई में कराना चाहती हैं। स्थिति को देखते हुए रेल प्रबंधन ने मां-बेटी को दूसरी ट्रेन से मुंबई भेजने की व्यवस्था की। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के अनुसार घटना कटनी स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के बाद हुई थी। बच्ची के घायल होने के कारण उसे मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भेजा गया था।
चलती ट्रेन से बच्ची के गिरने की घटना ने यात्रियों को भी झकझोर दिया। समय पर चेन पुलिंग कर यात्रियों द्वारा बच्ची को ट्रैक से उठाए जाने और रेलवे स्टाफ की तत्परता से उसे तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सकी।













