वोट और रोजगार के मुद्दे पर युवा कांग्रेस ने सरकार व चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
सिंगरौली में प्रेस वार्ता कर मनोज सिंह ने चुनावी पारदर्शिता और सरकारी नौकरियों को लेकर रखी पार्टी की बात

सिंगरौली। युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मनोज सिंह ने मंगलवार को सर्किट हाउस, माजन मोड़ में प्रेस वार्ता आयोजित कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और रोजगार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं को अपने रोजगार के साथ-साथ अपने मताधिकार से जुड़े सवालों का भी जवाब चाहिए।
मनोज सिंह ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने हाल में सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने पिछले 10 महीनों में कई मौकों पर आयोग के निर्णयों को लेकर लिखित आपत्तियां दर्ज कराई हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के बीच 26 सितंबर को कहा था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित उसके फैसले आयोग के सभी सदस्यों की सहमति से लिए गए हैं। इसलिए आयोग के भीतर मतभेद को लेकर सामने आए दावों पर अलग-अलग पक्षों के बयान मौजूद हैं।
युवा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से जुड़े बदलावों को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का वोट उसकी सबसे महत्वपूर्ण नागरिक शक्ति है और चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखना निर्वाचन संस्थाओं की जिम्मेदारी है। प्रेस वार्ता में नेताओं ने एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े विवादों पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की।
सरकारी नौकरियों को लेकर भी उठाए सवाल
मनोज सिंह ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार से सवाल करते हुए दावा किया कि देश में बड़ी संख्या में सरकारी पद खाली हैं। युवा कांग्रेस की ओर से 50,05,850 सरकारी पद खाली होने का दावा किया गया। नेताओं ने कहा कि बेरोजगार युवाओं के सामने रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दे गंभीर हैं और सरकार को इन क्षेत्रों में ठोस कदम उठाने चाहिए।
युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केवल चुनाव के समय युवाओं को संबोधित करने के बजाय रोजगार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग की।
प्रेस वार्ता में युवा कांग्रेस ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर संगठन अपनी आवाज आगे भी उठाता रहेगा। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों का चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है और इसके लिए सभी संबंधित संस्थाओं को पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए।













