जर्जर छात्रावास में रह रहे 50 बच्चे, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

सिंगरौली। माड़ा क्षेत्र स्थित आदिवासी छात्रावास में रह रहे करीब 50 विद्यार्थियों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार छात्रावास भवन की स्थिति जर्जर है। इसके अलावा बाथरूम की खराब हालत, पेयजल कूलर में करंट के खतरे और बिजली गुल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने की बात भी कही जा रही है।
छात्रावास में आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थी रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित भवन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों के अनुसार छात्रावास के समीप ही तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय स्थित हैं, बावजूद इसके व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं होने को लेकर चिंता जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि छात्रावास भवन की सुरक्षा स्थिति, विद्युत व्यवस्था, पेयजल कूलर और बाथरूम का तत्काल निरीक्षण कराया जाना आवश्यक है। साथ ही बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से छात्रावास का निरीक्षण कर भवन की तकनीकी सुरक्षा जांच कराने तथा आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।













