फ्लाई ऐश संकट के खिलाफ जनजागरण की जरूरत: पार्षद प्रेम सागर मिश्रा
सिंगरौली-सोनभद्र में पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए चौपाल, जनजागरूकता अभियान और एनजीटी में कानूनी लड़ाई मजबूत करने पर जोर

सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 36 के पार्षद प्रेम सागर मिश्रा ने सिंगरौली और सोनभद्र क्षेत्र में फ्लाई ऐश यानी कोयले की राख से उत्पन्न हो रही समस्याओं पर चिंता जताते हुए इसके खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि फ्लाई ऐश का असुरक्षित निस्तारण पर्यावरण, जनस्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। औद्योगिक विकास के साथ प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
प्रेम सागर मिश्रा के अनुसार, इस समस्या से निपटने के लिए केवल व्यक्तिगत प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, पर्यावरण से जुड़े कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने और इस मुद्दे पर सामूहिक आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
प्रभावित गांवों में चौपाल और जागरूकता अभियान पर जोर
पार्षद ने कहा कि फ्लाई ऐश से प्रभावित गांवों में चौपाल और जनसभाएं आयोजित कर लोगों को इसके संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने सांस संबंधी बीमारियों, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी समस्याओं सहित स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर वैज्ञानिक और चिकित्सकीय जानकारी के आधार पर लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवार समय पर चिकित्सकीय सलाह ले सकें और संबंधित विभागों तक अपनी शिकायतें पहुंचा सकें।
एनजीटी में कानूनी लड़ाई मजबूत करने की जरूरत
प्रेम सागर मिश्रा ने फ्लाई ऐश के असुरक्षित निस्तारण और ऐश डाइक से जुड़ी घटनाओं के मामलों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के समक्ष कानूनी कार्रवाई को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि प्रदूषण संबंधी शिकायतों, प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और पर्यावरणीय नुकसान से जुड़े तथ्यों को व्यवस्थित रूप से जुटाकर संबंधित संस्थाओं के सामने रखा जाना चाहिए, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के पर्यावरण और जनजीवन से जुड़ा मुद्दा है। इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास, निरंतर निगरानी और जिम्मेदार संस्थाओं की जवाबदेही जरूरी है।
नागरिकों से मांगे सुझाव और मार्गदर्शन
पार्षद प्रेम सागर मिश्रा ने इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए जागरूक नागरिकों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों से सुझाव एवं मार्गदर्शन मांगा है। उन्होंने अपील की कि लोग अपने विचार साझा करें और फ्लाई ऐश प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए व्यावहारिक कदम सुझाएं।
उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से ही इस अभियान को मजबूती दी जा सकती है। पर्यावरण की सुरक्षा, जनस्वास्थ्य की रक्षा और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।













