छह माह से वेतन नहीं मिलने पर अमृत जल योजना के कर्मचारियों ने बंद किया काम, जलापूर्ति प्रभावित होने का खतरा

सिंगरौली। नगर निगम बैढ़न की अमृत जल योजना में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले 6 माह से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वेतन भुगतान की मांग को लेकर नगर निगम से लेकर कलेक्ट्रेट तक गुहार लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है। इससे शहर के कई वार्डों में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम बैढ़न की अमृत जल योजना के तहत पानी की टंकियों और जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े कार्यों में लगे कर्मचारी तेजस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत काम कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बीते 6 माह से वेतन और मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इस संबंध में वे कई बार संबंधित अधिकारियों को मौखिक रूप से अपनी समस्या बता चुके हैं और लिखित आवेदन भी दे चुके हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मचारी
कर्मचारियों के अनुसार, लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि आर्थिक तंगी के चलते कुछ कर्मचारियों के घरों का बिजली कनेक्शन तक कट गया है। उधार चुकाने में परेशानी हो रही है और दुकानदारों से राशन सहित अन्य जरूरी सामान मिलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं, बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं होने के कारण स्कूल से नाम काटे जाने का संदेश मिलने की बात भी कर्मचारियों ने कही है।
इन क्षेत्रों में जलापूर्ति हो सकती है प्रभावित
कर्मचारियों के काम बंद करने से तेलगवां, जुवाड़ी, गहिलगढ़, चंदावल, सेमरिया, बनौली, इंटवा बैढ़न और गनियारी सहित अन्य क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित होने का खतरा है।
अब कर्मचारियों को बकाया वेतन मिलने का इंतजार है। वहीं, संभावित जलसंकट को देखते हुए संबंधित अधिकारियों के सामने कर्मचारियों की समस्या का समाधान करने और शहर की जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु बनाए रखने की चुनौती है।













