मृतक के नाम पर मजदूरी, अविवाहितों को पीएम आवास देने का आरोप, ओढ़नी पंचायत की शिकायत हाईकोर्ट पहुंची
जांच के निर्देश, गड़बड़ी मिलने पर रोजगार सहायक से होगी वसूली और अनुशासनात्मक कार्रवाई

सिंगरौली। जिले के चितरंगी जनपद पंचायत अंतर्गत ओढ़नी ग्राम पंचायत में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता अनिल सिंह ने आरोप लगाया है कि पंचायत में मृत व्यक्ति के नाम पर मजदूरी का भुगतान किया गया, वहीं अतिथि शिक्षकों को भी मनरेगा के मास्टर रोल में मजदूर दर्शाकर राशि निकाली गई। इसके अलावा अविवाहित व्यक्तियों को अलग परिवार के रूप में दर्ज कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने की शिकायत भी की गई है। अधिकारियों के स्तर पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संघप्रिय ने चितरंगी जनपद पंचायत के सीईओ को जांच के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता अनिल सिंह, निवासी रेहड़ा, ग्राम पंचायत ओढ़नी ने अपनी शिकायत में बताया कि केकरांव निवासी बड़का कोल के नाम पर मनरेगा योजना के तहत मजदूरी का भुगतान किया गया, जबकि उनकी मृत्यु 10 अप्रैल 2022 को हो चुकी थी। शिकायत के अनुसार, इसके बावजूद 13 जनवरी 2024 के मास्टर रोल में उनकी उपस्थिति दर्ज कर मजदूरी की राशि निकाले जाने का आरोप है।
इसी तरह केकरांव निवासी केमला प्रसाद प्रजापति, जो शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिलगुड़ी में वर्ग-2 के अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत बताए गए हैं, उनका नाम भी मनरेगा के मास्टर रोल में दर्ज किए जाने की शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता के मुताबिक 29 फरवरी से 2 मार्च 2024 तथा 7 मार्च से 13 मार्च 2024 तक उन्हें मजदूर के रूप में उपस्थित दर्शाकर भुगतान किया गया। इसके अलावा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खटाई में वर्ग-1 के अतिथि शिक्षक के रूप में पदस्थ बताए गए लाल बहादुर सिंह के संबंध में भी शिकायत में उल्लेख किया गया है।

अविवाहितों को आवास का लाभ देने का आरोप
शिकायत में ओढ़नी निवासी अजय कुमार सिंह, पिता शिवकुमार सिंह, का मामला भी उठाया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवाह नहीं होने के बावजूद उन्हें समग्र आईडी में पृथक परिवार के रूप में दर्ज कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया। इसके लिए पत्नी का काल्पनिक नाम जोड़कर अलग आईडी तैयार किए जाने का आरोप रोजगार सहायक अभिमन्यु सिंह पर लगाया गया है।
वहीं, रोजगार सहायक के चचेरे भाई अजीत कुमार सिंह, पिता हीरामणि सिंह, को भी कथित तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए नाम दर्ज किए जाने की शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि समग्र पोर्टल पर पत्नी का नाम दर्ज नहीं होने के बावजूद उन्हें योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया अपनाई गई।
अनिल सिंह के अनुसार, उन्होंने इन कथित अनियमितताओं को लेकर कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच और उनके सत्यापन का इंतजार है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले को लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संघप्रिय आईएएस ने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है। चितरंगी जनपद पंचायत के सीईओ को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होने पर संबंधित रोजगार सहायक के विरुद्ध राशि की वसूली और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।













