‘जय जोहार’ नारे पर विवाद: आदिवासी छात्रों से दुर्व्यवहार के आरोप में मिसरोद टीआई निलंबित
भोपाल में प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा और धमकी देने का आरोप, वायरल वीडियो के बाद उच्चस्तरीय जांच के आदेश

भोपाल। राजधानी भोपाल के मिसरोद इलाके में आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित दुर्व्यवहार के मामले में थाना प्रभारी रतन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की छात्र इकाई के प्रदर्शन के दौरान ‘जय जोहार’ के नारे को लेकर विवाद सामने आया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान थाना प्रभारी पर छात्रों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और उन्हें पीटने की धमकी देने के आरोप लगे। मामले में प्रथम दृष्टया कार्रवाई करते हुए रतन सिंह को निलंबित किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने की कार्रवाई, विपक्ष ने एफआईआर की मांग उठाई
मध्य प्रदेश शासन के मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में मामला आने के बाद तत्काल कदम उठाया गया और प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित किया गया।वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने घटना की निंदा करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ‘जोहार’ आदिवासी संस्कृति, पहचान, स्वाभिमान और आपसी भाईचारे का प्रतीक है।फिलहाल मामले की जांच जारी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।













