तमिलनाडु में मृत बैगा युवक का शव घर लाने के लिए कलेक्टर ने स्वीकृत की 25 हजार रुपये की सहायता
परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल, रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से मृतक के पिता को दी गई सहायता राशि

सिंगरौली। तमिलनाडु के इरोड जिले में एक धागा फैक्ट्री में मजदूरी करने गए सिंगरौली जिले के 20 वर्षीय बैगा युवक राकेश कुमार बैगा का आकस्मिक निधन हो गया। बेटे की मौत के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार के सामने उसका पार्थिव शरीर तमिलनाडु से गृह ग्राम बरहपान लाने की चुनौती खड़ी हो गई। ऐसे मुश्किल समय में जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार की मदद के लिए 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।
प्रभारी कलेक्टर संघ प्रिय की स्वीकृति से मृतक के पिता प्रेमलाल बैगा को यह सहायता राशि प्रदान की गई। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से भारतीय स्टेट बैंक के चेक द्वारा दी गई इस राशि का उद्देश्य बेटे का पार्थिव शरीर तमिलनाडु से सिंगरौली स्थित गृह ग्राम तक लाने और तत्काल आवश्यकताओं की पूर्ति में परिवार की मदद करना है।
पढ़ाई के साथ परिवार की मदद के लिए गया था तमिलनाडु
जानकारी के अनुसार, ग्राम बरहपान निवासी राकेश कुमार बैगा शासकीय डिग्री कॉलेज बैढ़न में अध्ययनरत था। पढ़ाई के खर्च और परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करने के उद्देश्य से वह तमिलनाडु के इरोड जिले में एक धागा फैक्ट्री में मजदूरी करने गया था। इसी दौरान स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के चलते इरोड स्थित अस्पताल में उपचार के दौरान उसका निधन हो गया।
युवक की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक ओर बेटे को खोने का गहरा दुख था, वहीं दूसरी ओर आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसके पार्थिव शरीर को घर तक लाने की व्यवस्था करना भी परिवार के लिए कठिन हो रहा था।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया
परिजनों द्वारा आर्थिक असमर्थता जताए जाने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। प्रभारी कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, जिला पंचायत और पुलिस प्रशासन ने परिवार की सहायता के लिए पहल की। प्रशासन की ओर से परिवार को आश्वस्त किया गया कि आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराते हुए युवक के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक सिंगरौली स्थित उसके गृह ग्राम लाने की व्यवस्था में मदद की जा रही है।
संकट की घड़ी में परिवार को मिला सहारा
प्रशासन द्वारा स्वीकृत 25,000 रुपये की सहायता राशि से परिवार को पार्थिव शरीर घर लाने और तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस पहल के माध्यम से जिला प्रशासन ने कठिन परिस्थिति में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को राहत पहुंचाने का प्रयास किया है। युवक की असमय मृत्यु से गांव और परिवार में शोक का माहौल है।













