अमित शाह का ग्वालियर दौरा फिर टला, दिवाली के बाद होगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का भूमिपूजन
29 अक्टूबर को प्रस्तावित था कार्यक्रम, 170 एकड़ में विकसित होगा देश का पहला एकीकृत टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम; 2,000 करोड़ रुपये के निवेश और हजारों रोजगार की उम्मीद

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के भूमिपूजन कार्यक्रम को एक बार फिर स्थगित कर दिया गया है। 29 अक्टूबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हाथों इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन प्रस्तावित था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम टाल दिया गया है। अब दिवाली के बाद भूमिपूजन की नई तारीख तय होने की संभावना है।
एक महीने में दूसरी बार टला कार्यक्रम
ग्वालियर के विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना के भूमिपूजन का कार्यक्रम दूसरी बार स्थगित हुआ है। इससे पहले 12 अक्टूबर को आयोजन की तैयारी की गई थी, लेकिन उस समय भी केंद्रीय गृहमंत्री की व्यस्तता के चलते कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया गया था। 29 अक्टूबर की तारीख तय होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था, वीआईपी मूवमेंट और यातायात प्रबंधन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी थीं।
परियोजना से जुड़े आयोजन की जिम्मेदारी साडा और मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम को संयुक्त रूप से सौंपी गई है। अब नई तारीख को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निर्णय का इंतजार है।
170 एकड़ में विकसित होगा टेलीकॉम टेक्नोलॉजी हब
ग्वालियर के साडा क्षेत्र में करीब 170 एकड़ भूमि पर देश का पहला एकीकृत टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय दूरसंचार विभाग के बीच हुए समझौते के तहत इस क्षेत्र में 5जी, 6जी और आधुनिक डिजिटल तकनीकों से जुड़े उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य दूरसंचार तकनीक के क्षेत्र में विनिर्माण और निवेश को प्रोत्साहित करना है।
2,000 करोड़ रुपये के निवेश और रोजगार की उम्मीद
इस परियोजना में शुरुआती चरण में करीब 2,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश आने की उम्मीद जताई गई है। इससे लगभग 4,500 युवाओं को सीधे रोजगार मिलने का अनुमान है। परियोजना के विस्तार के साथ भविष्य में रोजगार के अवसर बढ़कर 8,000 से 9,000 तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को ग्वालियर और आसपास के क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, भूमिपूजन की नई तारीख घोषित होने के बाद ही परियोजना के औपचारिक शुभारंभ को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।













