सोन नदी घाट पर प्रशासन की कार्रवाई, 200 घन मीटर अवैध रेत का स्टॉक नष्ट
माइनिंग अधिकारी आकांक्षा पटेल के नेतृत्व में खनन, पुलिस और सोन घड़ियाल वन अमले की संयुक्त दबिश, रात में अवैध परिवहन रोकने के लिए की गई कार्रवाई

सिंगरौली। जिले के चितरंगी क्षेत्र में सोन नदी के घाटों पर अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। 26 अक्टूबर 2026 की रात गढ़वा थाना क्षेत्र के सोन घड़ियाल इलाके में माइनिंग अधिकारी आकांक्षा पटेल के नेतृत्व में खनन विभाग, पुलिस और सोन घड़ियाल वन अमले की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नदी के विभिन्न घाटों की जांच की गई। घाटों पर अवैध खनन में लगी कोई मशीन या वाहन नहीं मिला, लेकिन ग्राम पिपरझर में करीब 200 घन मीटर रेत का अवैध भंडारण पाया गया।
अधिकारियों को आशंका थी कि इस रेत का इस्तेमाल रात के समय अवैध परिवहन के लिए किया जा सकता है। इसे रोकने के लिए संयुक्त टीम ने मौके पर ही रेत के स्टॉक को नष्ट कर दिया।
सोन घड़ियाल क्षेत्र में खनन प्रतिबंधित
सोन घड़ियाल क्षेत्र घड़ियालों के संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा के लिए रेत खनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद अवैध खनन और रेत के भंडारण की गतिविधियां सामने आने पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।
अवैध खनन पर कार्रवाई जारी रहेगी
माइनिंग अधिकारी आकांक्षा पटेल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोन घड़ियाल क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में आगे भी संयुक्त निरीक्षण और कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रात के समय हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने संरक्षण क्षेत्र में निगरानी और सख्ती बनाए रखने के संकेत दिए हैं।













