थोक कचरा उत्पादकों को कचरा प्रबंधन के नियमों की दी जानकारी, 68 प्रतिभागी हुए शामिल

सिंगरौली। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत थोक अपशिष्ट उत्पादकों की जिम्मेदारियों और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को लेकर होटल सत्या इंटरनेशनल में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। फीडबैक फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में लगभग 68 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

कार्यशाला का शुभारंभ नगर निगम के उपायुक्त आर.पी. बैस, स्वास्थ्य अधिकारी बी.जी. चतुर्वेदी और जिला पंचायत सदस्य रक्षा सिंह की उपस्थिति में हुआ। इसमें आवासीय समितियों, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों तथा सरकारी और निजी कार्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
फीडबैक फाउंडेशन के प्रशिक्षक आशीष विश्वास ने थोक अपशिष्ट उत्पादकों की पहचान, पंजीयन और उनके दायित्वों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्धारित मानकों के तहत 20 हजार वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवन, प्रतिदिन 40 हजार लीटर या अधिक पानी की खपत करने वाली संस्थाएं अथवा प्रतिदिन 100 किलोग्राम या अधिक ठोस कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठान इस श्रेणी में आ सकते हैं।
प्रतिभागियों को कचरे का चार श्रेणियों में पृथक्करण, गीले कचरे का परिसर में प्रसंस्करण, अधिकृत एजेंसी को कचरा सौंपने और वार्षिक रिपोर्ट जमा करने सहित विभिन्न जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। नगर निगम की ओर से पंजीयन, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन में सहयोग की जानकारी भी दी गई। प्रमाणपत्र वितरण और समूह छायाचित्र के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।













