सरई बाजार में नो एंट्री बेअसर! गिट्टी लोड वाहनों की आवाजाही से जाम, बच्चों की सुरक्षा पर चिंता
प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहनों के बाजार से गुजरने की शिकायत, निगरानी और कार्रवाई पर उठे सवाल

सिंगरौली। सरई के मुख्य बाजार में नो एंट्री व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बाजार में गिट्टी लोड भारी वाहनों की आवाजाही से जाम की स्थिति बनने और स्कूली बच्चों सहित आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू है, तो फिर बाजार क्षेत्र में इनकी आवाजाही कैसे जारी है?
जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से बाजारों में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का उद्देश्य यातायात को सुचारु बनाए रखना और दुर्घटनाओं की आशंका कम करना है। सरई मुख्य बाजार में दुकानदारों, राहगीरों और स्कूली बच्चों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में गिट्टी से लदे भारी वाहनों के गुजरने से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।
स्थानीय स्तर पर श्यामू क्रेशर से जुड़े वाहनों के नो एंट्री के दौरान भी परिवहन किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि प्रतिबंधित समय में किन वाहनों को आवागमन की अनुमति है और क्या किसी वाहन द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर सरई पुलिस की निगरानी और कार्रवाई पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रतिबंध के बावजूद वाहन बाजार से गुजर रहे हैं, तो नो एंट्री व्यवस्था की नियमित निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कराने, प्रतिबंधित समय में बाजार से गुजरने वाले वाहनों की जानकारी जुटाने और उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। अब निगाहें प्रशासनिक कदमों पर हैं कि सरई मुख्य बाजार में नो एंट्री व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।













