विस्थापितों की समस्याएं सुनने पहुंचे एसडीएम, कॉलोनी और स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर टीएचडीसी प्रबंधन को लगाई फटकार
तेंदूडोल पुनर्वास कॉलोनी का किया निरीक्षण, पिड़रवाह में धरनारत विस्थापित परिवारों से की मुलाकात; कंपनी अधिकारियों को जल्द कमियां दूर करने के सख्त निर्देश

सिंगरौली। टीएचडीसी अमिलिया कोल माइन परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों की समस्याओं और पुनर्वास कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर चल रहे विरोध के बीच देवसर एसडीएम श्रीकृष्ण सुशीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पचौर ग्राम के तेंदूडोल स्थित विस्थापित पुनर्वास कॉलोनी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इसके बाद पिड़रवाह में टीएचडीसी अमिलिया कोल माइन कंपनी के गेट के सामने धरने पर बैठे विस्थापित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। एसडीएम ने कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुनर्वास कॉलोनी और स्वास्थ्य केंद्र में जो भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर कराया जाए। विस्थापितों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता।
दरअसल, टीएचडीसी अमिलिया कोल माइन परियोजना से प्रभावित परिवार लंबे समय से पुनर्वास और सुविधाओं को लेकर अपनी शिकायतें उठा रहे हैं। विस्थापितों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें तेंदूडोल में पुनर्वास कॉलोनी तो उपलब्ध करा दी, लेकिन वहां रहने के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। कॉलोनी में मकानों की स्थिति, सड़क, पेयजल और बिजली जैसी समस्याओं के साथ स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर भी परिवारों में नाराजगी है। इसी को लेकर विस्थापित परिवार कंपनी प्रबंधन के खिलाफ धरने पर बैठे हैं।
कॉलोनी में पहुंचकर एक-एक व्यवस्था का लिया जायजा
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए देवसर एसडीएम श्रीकृष्ण सुशीर ने तेंदूडोल पुनर्वास कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कॉलोनी में बने मकानों की स्थिति देखी और सड़क, पानी तथा बिजली की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने यह समझने का प्रयास किया कि विस्थापित परिवारों को रोजमर्रा के जीवन में किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।निरीक्षण के दौरान विस्थापितों की ओर से बताई गई समस्याओं और मौके पर दिखाई दी कमियों को लेकर एसडीएम ने कंपनी के प्रतिनिधियों से जवाब-तलब किया। उन्होंने निर्देशित किया कि पुनर्वास कॉलोनी में रहने वाले परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मकानों की मरम्मत, सड़क, पेयजल और बिजली से जुड़ी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से किया जाए, ताकि विस्थापितों को अपने ही पुनर्वास स्थल पर परेशानियों का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण, डॉक्टर और दवाओं की उपलब्धता की ली जानकारी
पुनर्वास कॉलोनी के निरीक्षण के बाद एसडीएम कंपनी क्षेत्र में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता, स्वास्थ्य कर्मचारियों की तैनाती और दवाओं की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाने और विस्थापित परिवारों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विस्थापित परिवारों का कहना है कि पुनर्वास के बाद स्वास्थ्य सुविधा सबसे जरूरी जरूरतों में शामिल है। ऐसे में यदि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, दवाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं होंगे तो उन्हें उपचार के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ेगा। एसडीएम ने कंपनी प्रबंधन को स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए।
धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम, विस्थापितों की समस्याएं सुनीं
कॉलोनी और स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के बाद एसडीएम पिड़रवाह स्थित टीएचडीसी अमिलिया कोल माइन कंपनी के मुख्य गेट के सामने धरना दे रहे विस्थापित परिवारों के बीच पहुंचे। उन्होंने धरनारत लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी मांगों तथा शिकायतों को गंभीरता से सुना। विस्थापितों ने पुनर्वास में सामने आ रही कमियों, कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं की अनुपलब्धता और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी बात रखी।
विस्थापित परिवारों ने एसडीएम को बताया कि पुनर्वास के नाम पर उन्हें ऐसी जगह रहने के लिए भेज दिया गया है, जहां जरूरी सुविधाओं की कमी के कारण उनका जीवन कठिन हो रहा है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से कई बार समस्याओं के समाधान की मांग की, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण उन्हें धरने पर बैठना पड़ा।एसडीएम ने विस्थापितों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को संबंधित कंपनी प्रबंधन के सामने रखा जाएगा और निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुनर्वास कॉलोनी और स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं का बेहतर होना जरूरी है।
टीएचडीसी अधिकारियों को सख्त संदेश, कमियां दूर नहीं हुईं तो होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने टीएचडीसी अमिलिया कोल माइन कंपनी के अधिकारियों और प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विस्थापित कॉलोनी तथा स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल कॉलोनी बनाकर विस्थापित परिवारों को वहां बसाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके लिए जरूरी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी। सड़क, पानी, बिजली, मकानों की मरम्मत और स्वास्थ्य सेवाओं में जो कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाए। निर्देशों की अनदेखी होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आश्वासन के बाद विस्थापितों को जगी उम्मीद, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
एसडीएम के निरीक्षण और धरना स्थल पर पहुंचकर समस्याएं सुनने के बाद विस्थापित परिवारों में समाधान की उम्मीद जगी है। हालांकि विस्थापितों ने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर सुविधाओं में सुधार चाहिए। उनका कहना है कि जब तक पुनर्वास कॉलोनी में जरूरी व्यवस्थाएं बहाल नहीं होतीं और स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति बेहतर नहीं होती, तब तक उनकी नाराजगी बनी रहेगी। यदि जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा।
एसडीएम के इस दौरे को विस्थापितों की शिकायतों के निराकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निगाहें टीएचडीसी कंपनी प्रबंधन पर हैं कि प्रशासन के निर्देशों के बाद पुनर्वास कॉलोनी और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में कितनी जल्दी और कितना सुधार किया जाता है।













