भाजयुमो जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर 7 दावेदारों की नजर, सिंगरौली में सियासी हलचल तेज
प्रदेश अध्यक्ष के दौरे के बाद नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज, लालबाबू वैश्य, प्रिंस केसरी समेत 7 नाम दौड़ में शामिल

सिंगरौली। भारतीय जनता पार्टी के युवा संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष पद को लेकर जिले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संगठन में नई नियुक्ति की चर्चाओं के बीच फिलहाल 7 नाम प्रमुख दावेदारों के रूप में सामने आ रहे हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संभावित नियुक्ति को लेकर युवा कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक में उत्सुकता बनी हुई है।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के हालिया सिंगरौली दौरे के बाद जिलाध्यक्ष पद को लेकर चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। दौरे के दौरान संभावित दावेदारों ने अपने समर्थकों के साथ सक्रियता दिखाई। स्वागत-सत्कार और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के जरिए अपनी संगठनात्मक पकड़ और सक्रियता प्रदर्शित करने की कोशिशें भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रहीं।
7 नामों पर संगठन में चर्चा
फिलहाल भाजयुमो जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में लालबाबू वैश्य, प्रिंस केसरी, विनीत द्विवेदी, संदीप चौबे, शशांक विक्रम सिंह, सौरभ देव पाण्डेय और संजय दुबे के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। इन नामों को लेकर संगठन के भीतर अलग-अलग समीकरणों की चर्चा है। सभी दावेदार अपनी संगठनात्मक सक्रियता, पार्टी के प्रति समर्पण और युवा कार्यकर्ताओं के बीच अपनी पहुंच के आधार पर दावेदारी पेश कर रहे हैं।
चयन में संगठनात्मक अनुभव की रहेगी अहम भूमिका
भाजपा में संगठनात्मक नियुक्तियों के दौरान बूथ स्तर पर सक्रियता, पार्टी की रीति-नीति के प्रति निष्ठा, वरिष्ठ नेतृत्व के साथ समन्वय और युवाओं को संगठन से जोड़ने की क्षमता जैसे पहलुओं को महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में जिलाध्यक्ष का चयन केवल समर्थकों की संख्या या शक्ति प्रदर्शन के आधार पर होने की संभावना नहीं है। संगठन के सामने ऐसे युवा नेतृत्व को जिम्मेदारी देने की चुनौती होगी, जो पार्टी की गतिविधियों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से संचालित कर सके।
युवा नेतृत्व के सामने होंगी कई चुनौतियां
सिंगरौली औद्योगिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है। यहां बेरोजगारी, विस्थापन, प्रदूषण, स्थानीय युवाओं को रोजगार और विकास जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहते हैं। ऐसे में नए जिलाध्यक्ष के सामने संगठन का विस्तार करने के साथ युवाओं के बीच पार्टी की सक्रियता बनाए रखने की भी चुनौती होगी।
अब सबकी निगाहें भाजपा के जिला और प्रदेश नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं। 7 चर्चित नामों में से किसे भाजयुमो की कमान सौंपी जाती है, यह आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल जिलाध्यक्ष पद को लेकर सिंगरौली का सियासी माहौल गर्म है।













