रामलीला मैदान में लोकतंत्र नहीं, परिवार बचाने जुटा था इंडिया ब्लॉक : योगी

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजियाबाद में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को संबोधित करते हुए इंडिया ब्लॉक और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी दल लोकतंत्र बचाने के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवारों और राजनीतिक हितों को बचाने के लिए जुटे थे।
योगी ने कहा कि कांग्रेस 1975 में आपातकाल लगाने वाली पार्टी है और आज वही लोकतंत्र पर उपदेश दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में जीत मिलने पर विपक्ष इसे अपनी उपलब्धि बताता है, जबकि हारने पर ईवीएम, चुनाव आयोग और एसआईआर को जिम्मेदार ठहराता है। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने उनकी तुलना ऐसे छात्र से की, जो बार-बार परीक्षा में असफल होने के बाद अपनी गलती मानने के बजाय कॉपी बदलने का बहाना बनाता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए हाईवे, मेट्रो, दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल, एम्स, आईआईटी और आईआईएम के विस्तार का दावा किया। उन्होंने आवास, राशन, किसान सम्मान निधि और कोरोना के दौरान मुफ्त जांच व टीकाकरण जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया।
योगी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में कांग्रेस और सपा नेताओं के शामिल नहीं होने पर भी सवाल उठाए। साथ ही समाजवादी पार्टी पर उत्तर प्रदेश में अपने शासनकाल के दौरान दंगे और अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा देशभर में 100 स्थानों पर ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्राएं आयोजित कर रही है, ताकि विपक्ष की राजनीति को जनता के सामने रखा जा सके।













