सरई थाने के बाहर धरना समाप्त, थाना प्रभारी पर लगे आरोपों की 10 दिन में होगी जांच
एएसपी और एसडीओपी की संयुक्त टीम करेगी जांच, सुरक्षा कर्मियों को नौकरी और पूर्ववत वेतन देने का प्रशासन ने दिया आश्वासन; भाजपा मंडल अध्यक्ष रामधनी यादव और केडी वैश्य की भूमिका को लेकर भी उठे सवाल

सिंगरौली। राजीव साकेत के साथ कथित मारपीट के मामले को लेकर सरई थाना परिसर के बाहर चल रहा धरना-प्रदर्शन पुलिस और जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग थाना प्रभारी को हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की थी। इसके अलावा सुरक्षा कर्मियों की नौकरी और वेतन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
धरना स्थल पर पुलिस विभाग की ओर से एसडीओपी देवसर गायत्री तिवारी तथा जिला प्रशासन की ओर से प्रभारी तहसीलदार सरई धर्म प्रकाश मिश्रा पहुंचे। अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं, पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं।
10 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपेगी संयुक्त टीम
थाना प्रभारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिंगरौली और एसडीओपी देवसर की संयुक्त टीम गठित करने का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, टीम 10 दिनों के भीतर जांच पूरी कर पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट सौंपेगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सुरक्षा कर्मियों की नौकरी और वेतन को लेकर भी अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि उन्हें कंपनी में यथावत काम पर रखा जाएगा और पहले के समान वेतन दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से मिले इन आश्वासनों के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
रामधनी यादव और केडी वैश्य की भूमिका को लेकर चर्चा
इस घटनाक्रम के बीच भाजपा मंडल अध्यक्ष रामधनी यादव और केडी वैश्य की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। धरने के दौरान इन दोनों के नाम चर्चा में आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में संगठन की संभावित प्रतिक्रिया को लेकर भी बातें हो रही हैं। हालांकि, उनकी भूमिका को लेकर लगाए जा रहे सवालों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में पूरे मामले में संबंधित पक्षों का जवाब और तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है। भाजपा के जिला संगठन और स्थानीय नेतृत्व की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल धरना समाप्त होने के बाद सरई मामले में पुलिस जांच की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। एक ओर थाना प्रभारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच होनी है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा कर्मियों की नौकरी और वेतन से जुड़े आश्वासन के पालन पर भी नजर रहेगी।
अब देखना होगा कि संयुक्त जांच टीम 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने लाती है और उसके आधार पर पुलिस प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। धरना भले ही समाप्त हो गया है, लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली, सुरक्षा कर्मियों के रोजगार और स्थानीय स्तर पर उठे राजनीतिक सवालों का समाधान जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।













