देश विदेशबड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़

अमेरिकी चुनाव के बाद ट्रंप पर बढ़ा दबाव, भारत के लिए टैरिफ जोखिम घटने के संकेत

 

नई दिल्ली। अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के बाद रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर एकीकृत नियंत्रण समाप्त होने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर राजनीतिक दबाव बढ़ा है। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, इससे भारत के लिए अचानक अमेरिकी टैरिफ बढ़ने और व्यापारिक अनिश्चितता का जोखिम कुछ कम हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय उत्पादों पर प्रस्तावित 18 प्रतिशत टैरिफ लागू नहीं हुआ और फिलहाल अपेक्षाकृत कम 10 प्रतिशत का सेक्शन 301 शुल्क लागू है। चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप के पास व्यापारिक दबाव बनाने के कुछ विकल्प सीमित हो सकते हैं। साथ ही उपभोक्ताओं की कीमतें नियंत्रित रखने और 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले व्यापार समझौते करने का दबाव बढ़ेगा।

विश्लेषकों के मुताबिक, भविष्य में नए टैरिफ लगाने के लिए सेक्शन 301 या सेक्शन 232 जैसी जांच आधारित प्रक्रियाओं का सहारा लेना पड़ सकता है। हालांकि फार्मास्युटिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पर शुल्क लगाए जाने की आशंका बनी हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, कमजोर अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और व्यापारिक अनिश्चितता घटने से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत मिल सकती है। ब्रेंट क्रूड अक्टूबर के उच्चतम स्तर से करीब 19 प्रतिशत गिरकर 94 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है।

इससे भारत के आयात बिल और रुपये पर दबाव कम होने की उम्मीद है। हालांकि रूस और ईरान से जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रम, अमेरिकी ब्याज दरें और विदेशी पूंजी का प्रवाह आगे भी आर्थिक जोखिम बने रह सकते हैं।

Author

Related Articles

Back to top button