सिंगरौली का गौरव: वरिष्ठ साहित्यकार श्रुतिवंत दुबे ‘विज़न’ को मिला ‘ऑनरेरी डॉक्टरेट अवार्ड’, संगोष्ठी में बुद्धिजीवियों ने किया सम्मानित

सिंगरौली:जिले की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करने वाले बरगवां तहसील अंतर्गत ग्राम पचौर निवासी वरिष्ठ साहित्यकार श्रुतिवन्त दुबे ‘विज़न’ की उपलब्धियों में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। ‘वर्ल्ड कल्चरल एंड एजुकेशनल ऑर्गनाइजेशन’ द्वारा उनके संपूर्ण व्यक्तित्व, जीवनपर्यंत कृतित्व और साहित्यिक अवदान का सूक्ष्म मूल्यांकन करते हुए उन्हें प्रतिष्ठित ‘ऑनरेरी डॉक्टरेट अवार्ड’ (मानद उपाधि) से नवाजा गया है। इस विशिष्ट सम्मान से क्षेत्र के साहित्य प्रेमियों एवं प्रबुद्धजनों में हर्ष का माहौल है।
15 पुस्तकों के रचयिता, राष्ट्रपति पदक से भी हो चुके हैं अलंकृत
राज्य शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त होने के पश्चात श्रुतिवन्त दुबे ‘विज़न’ पूरी निष्ठा के साथ अनवरत साहित्य साधना में लीन हैं। वे अब तक विभिन्न विषयों और विधाओं में 15 उत्कृष्ट पुस्तकों की रचना कर चुके हैं। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और साहित्यिक योगदान के चलते उन्हें पूर्व में महामहिम ‘राष्ट्रपति पदक’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त वे सीधी एवं सिंगरौली जिले के कलेक्टरों द्वारा भी कई बार प्रशंसित किए गए हैं तथा देश की कई प्रमुख राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से उन्हें मान-सम्मान प्राप्त हो चुका है।
संगोष्ठी में विचारों को मिली सराहना, गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
इस विशिष्ट उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित एक विचार संगोष्ठी में क्षेत्रीय प्रबुद्धजनों ने उनके विचारों और साहित्य साधना की जमकर सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि विज़न जी की यह उपलब्धि नई पीढ़ी के रचनाकारों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से रामधनी शर्मा, मुद्रिका प्रसाद दुबे, शिवकुमार द्विवेदी, युगुल किशोर, मुन्नीलाल रावत, हरिप्रसाद दुबे और राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय साहित्य अनुरागी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित सभी लोगों ने उनके दीर्घायु जीवन एवं निरंतर साहित्य सृजन की कामना की।













