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10 लाख का चेक डैम ध्वस्त सखौहां पंचायत का 

एक साल बाद भी नही हुई जांच, जनपद पंचायत क्षेत्र का मामला, जिला एवं जपं सीईओ को जनपद सदस्य ने सवालों में घेरा 
पोल खोल सिंगरौली 
जिले के सखौहां ग्राम पंचायत के सलेयाडाड़ पश्चिम लल्ला प्रसाद साकेत के मोहल्ले में नाले पर करीब 10 लाख रूपये की लागत से एक साल पूर्व चेक डैम का निर्माण कार्य क्रियान्वयन एजेंसी ग्राम पंचायत के द्वारा कराया गया है, लेकिन गुणवत्ता विहीन चेक डैम 2024 के पहली बारिश में ही ध्वस्त हो गया था। जिसकी जांच आज तक पूर्ण नही हो पाई।
दरअसल जनपद पंचायत क्षेत्र बैढ़न के ग्राम पंचायत सखौहां अंतर्गत लल्ला साकेत के घर के पास मनरेगा एवं  15वां वृत्त से करीब 10 लाख रूपये की लागत से क्रियान्वयन एजेंसी ग्राम पंचायत के द्वारा चेक डैम का निर्माण कार्य वर्ष 2023-24 में पूर्ण हुआ था,
लेकिन अत्यंत घटिया कार्य होने के चलते  एक ही बारिश में 10 लाख रूपये की लागत से बना चेक डैम पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। इसकी शिकायत कई बार स्थानीय ग्रामीणों के जनपद एवं जिला पंचायत सीईओ के यहां की गई, लेकिन तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ ने की गई, जिसमें जनपद पंचायत के सीईओ को पिछले वर्ष जांच मिली।
परंतु एक साल बाद भी जांच का नतीजा नही निकला। यहां के कई ग्रामीणों का आरोप है कि जनपद पंचायत के अधिकारियों का सरपंच एवं सचिव के साथ-साथ रोजगार सहायक को संरक्षण मिला है। इसी के चलते ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर है। यह भी आरोप है कि चेक डैम कमीशनखोरी के भेंट चढ़ गया है। सहायक यंत्री, उपयंत्री, पीसीओ का कमीशन फिक्स है।
इसीलिए कार्रवाई नही होती। जनपद पंचायत में भी भ्रष्टाचार एवं कमीशनखोरी चरम पर है। यहां ग्रामीणों ने बताया कि अब शिकायत करने का कोई मतलब नही रह गया है। जब एक साल में भी भ्रष्टाचार की जांच नही हो पाई, तो अधिकारियों से क्या उम्मीद करें, यहां के ग्रामीणों ने इस ओर कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराया है।
 एक वर्ष में भी नही हो पाई जांच
सखौहां ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक वर्ष से शिकायत जनपद एवं जिला पंचायत में की गई। जिम्मेदार अधिकारियों ने जांच कराने का भरोसा दिया, परंतु किस तरह से जांच हुई और नही हुई तो, वजह क्या है ?, इसका जवाब भी जनपद एवं जिला पंचायत के अधिकारी नही दे रहे हैं।
 इसके पीछे कारण क्या है, वह जगजाहिर है। जनपद पंचायत सीईओ से निष्पक्ष जांच की उम्मीद भी नही की जा सकती है। ग्राम पंचायतो में किस तरह से अनियमितताएं हो रही हैं, वह जगजाहिर है। उपयंत्री एवं सहायक यंत्री ऑख बंद कर कार्यो का मूल्यांकन करते हैं। उसका मूल वजह कमीशन है। अच्छा काम करने पर भी फिक्स कमीशन देना पड़ता है।
पंचायत क्षेत्र में चारो तरफ भ्रष्टाचार: पारसनाथ
जनपद सदस्य पारसनाथ ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत बैढ़न की ऐसी कोई ग्राम पंचायत अछूती नहीं है, जिस ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का जाल ना बिछाया गया हो, जिस भी ग्राम पंचायत में देखिए, लगातार ग्राम पंचायत में सरपंच-सचिवों के द्वारा भ्रष्टाचार किया जा रहा है,
और भ्रष्टाचार करें भी क्यों ना, जिस राशि से गुणवत्ता युक्त निर्माण कार्य किया जाना है, उस राशि को सरपंच-सचिव अधिकारियों को चढ़ावा चढ़ा रहे हैं और चढ़ावा नहीं चढ़ाने पर टीएस/एस नहीं हो पता है।
सरपंच-सचिव रोजगार सहायक परेशान होते हैं और उनकी भी मजबूरी हो गई है कि चढ़ावा देना ही पड़ता है और जब अधिकारियों को चढ़ावा दे देते हैं तो यह भी अपने मनमानी पर उतारू होते हैं। निर्माण कार्य भगवान भरोसे होता है और इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।

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  • सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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सुनील सोनी , " पोल खोल पोस्ट " डिजिटल न्यूज़ पोर्टल के प्रधान संपादक और संस्थापक सदस्य हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और वे निष्पक्ष एवं जनसेवा भाव से समाचार प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।

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