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सोशल मीडिया पर छाई एथलीट ज्योति याराजी, संघर्ष और सफलता की कहानी बनी प्रेरणा

 

नई दिल्ली। भारतीय एथलीट ज्योति याराजी इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में हैं। उनकी उपलब्धियों और संघर्ष की कहानी को लोग तेजी से साझा कर रहे हैं। देशभर में उनके प्रशंसक उनके हर रिकॉर्ड और प्रदर्शन की सराहना कर रहे हैं, जिससे वह युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम की रहने वाली ज्योति याराजी का जन्म 28 अगस्त 1999 को हुआ था। सीमित संसाधनों में पली-बढ़ी ज्योति ने खेलों में रुचि दिखाते हुए वर्ष 2015 में इंटर-डिस्ट्रिक्ट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद के साई सेंटर में प्रशिक्षण लेना शुरू किया।

ज्योति ने 2017 में लॉन्ग जंप छोड़कर हर्डल रेस को अपनाया और धीरे-धीरे इस स्पर्धा में अपनी मजबूत पहचान बनाई। 2023 में बैंकॉक में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 100 मीटर हर्डल में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इसके बाद 2024 और 2025 में भी उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।

2025 में दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ज्योति ने फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। उनके समय और तकनीक में लगातार सुधार देखा जा रहा है।

ज्योति याराजी की कहानी यह दर्शाती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उनके संघर्ष और उपलब्धियां आज देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

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