सिंहस्थ-2028 के लिए 5 हजार नए होमगार्ड भर्ती होंगे, सीएम डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणाएं

भोपाल। राजधानी भोपाल के होमगार्ड परेड ग्राउंड में शनिवार 6 दिसंबर को 63वां होमगार्ड स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होमगार्ड जवानों की सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें निष्काम सेवा का श्रेष्ठ उदाहरण बताया।मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि निस्वार्थ भाव से कर्तव्य पालन ही सच्ची सेवा है और होमगार्ड इसी भावना से प्रदेश की सुरक्षा में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि “होमगार्ड” का अर्थ घर का प्रहरी है और आप प्रदेश के साढ़े आठ करोड़ नागरिकों की सुरक्षा के प्रहरी हैं।
सीएम ने घोषणा की कि सिंहस्थ-2028 के लिए प्रदेश में 5,000 नए होमगार्ड जवानों की भर्ती की जाएगी। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया और सहरिया समुदाय के युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए विशेष प्रशिक्षण देने हेतु कंपनी का गठन किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड हर परिस्थिति में संकटमोचन की भूमिका निभाते हैं, चाहे बाढ़, आगजनी, सड़क दुर्घटना या भीड़ नियंत्रण हो। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष होमगार्ड्स ने 5075 नागरिकों की जान बचाई और इस वर्ष भी बाढ़ के दौरान सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने होमगार्ड, एसडीआरएफ और नागरिक सुरक्षा बलों की संयुक्त क्षमता को आपदा प्रबंधन का मजबूत आधार बताया।
सीएम ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री अदम्य साहसिक कार्य पुरस्कार की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत प्रतिवर्ष कठिन परिस्थितियों में जान-माल बचाने वाली 10 रेस्क्यू टीमों को 51,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। इसमें इंदौर, शिवपुरी, गुना, रायसेन, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और उज्जैन जिलों को सम्मानित करने की घोषणा की गई।
उन्होंने होमगार्ड जवानों के लिए अनिवार्य दो माह का बाध्यकालीन अवकाश समाप्त करने, अनुकंपा अनुदान राशि में 360 रुपये की वृद्धि करने की घोषणा की। साथ ही महाकाल लोक और ज्योतिर्लिंग क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उज्जैन में 488 नए पदों को स्वीकृति दी गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील स्थलों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार नए जिलों में अतिरिक्त पद सृजित किए जाएंगे।













