चितरंगी में सिविल न्यायालय की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का क्रमिक अनशन जारी

सिंगरौली। चितरंगी में सिविल न्यायालय की स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ता संघ द्वारा क्रमिक अनशन जारी है। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष बी.पी. सिंह के नेतृत्व में सोमवार से शुरू हुए इस आंदोलन को स्थानीय जनता तथा जनप्रतिनिधियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
विदित हो कि जबलपुर द्वारा 31 जुलाई 2024 को राज्य शासन को सिविल न्यायालय स्थापना हेतु पत्र भेजा गया था, लेकिन बजट के अभाव में अब तक न्यायालय की स्थापना नहीं हो सकी। इस स्थिति से नाराज़ अधिवक्ता अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती और चितरंगी में सिविल कोर्ट की स्थापना नहीं होती, तब तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
अधिवक्ताओं ने बताया कि सिविल न्यायालय न होने से चितरंगी व आसपास के क्षेत्रों, विशेषकर बगदरा क्षेत्र के लोगों को देवसर तक लगभग 150 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। एक ही दिन में पेशी कर वापस लौटना मुश्किल होने से पक्षकारों को रात्रि विश्राम की समस्या व अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जनता, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि भी इस आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र स्वरूप ले सकता है, जिसमें सद्बुद्धि यज्ञ सहित अन्य प्रदर्शन भी शामिल होंगे।अधिवक्ता संघ का स्पष्ट कहना है कि सरकार जब तक सिविल न्यायालय की स्थापना कर न्यायालय संचालन आरंभ नहीं करती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।













