एनसीएल कॉलोनी में चोरी करने वाले आरोपी को 2 वर्ष की सजा
कोर्ट का सख्त संदेश: गरीबी अपराध की गंभीरता कम नहीं करती

सिंगरौली।एनसीएल कॉलोनी मोरवा में सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी करने के मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) श्री विशाल रिछारिया की अदालत ने आरोपी विकाश वाल्मीकी (20 वर्ष) को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि गरीबी अपराध की गंभीरता को कम करने का आधार नहीं हो सकती।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी राजू कुमार, जो एनसीएल मुख्यालय में ड्राइवर के पद पर कार्यरत हैं, मोरवा स्थित एनसीएल कॉलोनी के क्वार्टर क्रमांक 1बी-43 में अपने परिवार के साथ रहते हैं। 17 जून से 23 जून 2025 के बीच वे परिवार सहित बनारस गए हुए थे। जब वे वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि उनके घर का ताला टूटा हुआ है और अंदर से एलजी कंपनी का टीवी, सैमसंग टैबलेट, प्रेस, मिक्सर सहित करीब 90 हजार रुपये का सामान गायब था।
मामले की रिपोर्ट थाना मोरवा में दर्ज की गई। थाना प्रभारी के मार्गदर्शन में प्रधान आरक्षक 10 संजय सिंह परिहार द्वारा मामले की विवेचना की गई। जांच के दौरान आरोपी विकाश वाल्मीकी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गया सामान बरामद किया गया। विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। सजा सुनाते हुए अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रकार के अपराध समाज में असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।इस फैसले से क्षेत्र में अपराधियों के बीच कड़ा संदेश गया है। वहीं पुलिस विभाग ने भी कहा कि चोरी जैसे अपराधों पर आगे भी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।













