भारत ने शामिल किया पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘आईसीजीएस समुद्र प्रताप’

नई दिल्ली: भारतीय तटरक्षक बल ने अपनी समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया प्रदूषण नियंत्रण पोत आईसीजीएस समुद्र प्रताप को आधिकारिक रूप से भारतीय तटरक्षक बल में शामिल कर लिया गया है। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं और इसे भारत के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि आईसीजीएस समुद्र प्रताप का कमीशन होना कई मायनों में खास है। यह आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों को मजबूती देता है, भारतीय सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और सतत विकास के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इसे भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता बताया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस मौके पर गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित इस पोत की तारीफ की और इसे भारत के रक्षा औद्योगिक क्षेत्र की क्षमता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि समुद्र प्रताप समुद्री सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में भारतीय तटरक्षक बल की कार्यक्षमता को और मजबूत करेगा।
इस पोत के कमीशन होने से तटरक्षक बल की निगरानी और प्रतिक्रिया की क्षमता में भी महत्वपूर्ण वृद्धि होगी, जो भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को और प्रभावी बनाएगी। आईसीजीएस समुद्र प्रताप को भारतीय तटरक्षक बल के आधुनिक दृष्टिकोण और समुद्री चुनौतियों से निपटने की क्षमता का प्रतीक माना जा रहा है।
समुद्र प्रताप की कमीशनिंग के साथ, भारत ने अपनी समुद्री शक्ति और सुरक्षा प्रणाली को एक नई दिशा दी है, जो पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा।













