एमपी के नेशनल पार्कों में अब और शानदार होगी जंगल सफारी
सीएम डॉ. मोहन यादव ने 10 नई वीविंग कैंटर बसों को दिखाई हरी झंडी

पन्ना। मध्य प्रदेश के नेशनल पार्कों में जंगल सफारी अब पहले से ज्यादा आरामदायक और रोमांचक होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार, 8 दिसंबर की सुबह पन्ना नेशनल पार्क के मड़ला गेट से 10 नई वीविंग कैंटर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों के शुरू होने से जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को बेहतर सुविधा और ज्यादा सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में यह बड़ा कदम उठाया है। नई कैंटर बसों में एक साथ 19 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है। ये बसें आम सफारी वाहनों की तुलना में अधिक लंबी और ऊंची हैं, जिससे जंगल के दृश्यों का बेहतर आनंद लिया जा सकेगा।
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिक सुरक्षित
नई कैंटर बसें बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिक सुरक्षित और आरामदायक मानी जा रही हैं। इनकी ऊंचाई और स्पेस ज्यादा होने से सफर के दौरान झटके कम महसूस होंगे और वन्यजीवों को देखने का अनुभव भी अधिक सुखद रहेगा। पर्यटक इन बसों में बैठकर जंगल, प्रकृति और वन्यजीवों का रोमांचक नज़ारा करीब से देख सकेंगे।
अब बिना ऑनलाइन बुकिंग भी सफारी का मौका
अब तक कई पर्यटक ऑनलाइन स्लॉट भर जाने के कारण सफारी का अनुभव नहीं ले पाते थे। लेकिन नई कैंटर बसों के संचालन के बाद अब नेशनल पार्क के गेट पर ही सफारी बुक की जा सकेगी। इससे वे पर्यटक भी सफारी कर सकेंगे जो अचानक पार्क पहुंच जाते हैं या जिन्हें ऑनलाइन बुकिंग में जगह नहीं मिल पाती।
किराया 1150 से 1450 रुपए प्रति व्यक्ति
इन कैंटर बसों से सफारी का शुल्क प्रति व्यक्ति 1150 से 1450 रुपए प्रति राउंड तय किया गया है। नई बसें प्रदेश के प्रमुख नेशनल पार्कों—बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, परसिली (सीधी) सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर संचालित की जाएंगी।इन कैंटर बसों के संचालन से मध्य प्रदेश में जंगल सफारी का अनुभव न सिर्फ रोमांचक होगा बल्कि पर्यटकों के लिए और भी यादगार साबित होगा।













