हंगामे के बीच लोकसभा शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को लोकसभा में भारी हंगामे के कारण कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। विपक्षी दलों के तीखे विरोध के चलते सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनटों में बाधित हो गई और अंततः लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा।
कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद वीबी-जी राम जी बिल के विरोध में नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराने का प्रयास किया और सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने की अपील भी की, लेकिन विपक्षी सांसदों ने विरोध जारी रखा। लगातार नारेबाजी और शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
लगातार व्यवधान के चलते लोकसभा की कार्यवाही महज तीन मिनट ही चल पाई और अध्यक्ष को सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा। स्थगन से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शीतकालीन सत्र के दौरान हुए कार्यों की जानकारी सदन को दी। उन्होंने बताया कि इस सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित की गईं और सदन की उत्पादकता 111 प्रतिशत रही।
उन्होंने कहा कि सांसदों ने देर रात तक बैठकर कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे किए, जिसके लिए वे सभी सदस्यों के आभारी हैं। इसके बाद उन्होंने लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।













