पुराने वर्ष के विदाई व नववर्ष के स्वागत के अवसर माँ धनौजा मंदिर प्रांगण में संपन्न हुआ 24 घंटे का अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ, हुआ भंडारे का आयोजन

सरई – नववर्ष के शुभ अवसर पर जहाँ कुछ समाजिक वर्गों में डीजे और अश्लीलता के माध्यम से उत्सव मनाने की प्रवृत्तियाँ देखी जाती हैं, वहीं भगवती मानव कल्याण संगठन ने भक्ति, साधना और सामाजिक शुद्धता का संदेश देते हुए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। संगठन के तत्वावधान में माँ धनौजा मंदिर प्रांगण में पुराने वर्ष की विदाई और नववर्ष के स्वागत हेतु 24 घंटे के अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ का आयोजन किया गया।
यह आयोजन सद्गुरुदेव योगीराज शक्तिपुत्र महाराज के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें समाज को नशामुक्त, मांसाहार रहित, और चरित्रवान बनाने के साथ-साथ छुआछूत और जातिभेद से मुक्त समाज की दिशा में प्रेरित किया गया। आध्यात्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ राजनीति और सशक्त मानवता को बढ़ावा देना था।
संगठन के कार्यकर्ता वर्षों से नववर्ष को आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सुधार के पर्व के रूप में मनाते आ रहे हैं। अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ के माध्यम से माँ दुर्गा की आराधना कर समाज को सकारात्मक सोच, सदाचार और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया गया। इस आयोजन ने जिले में भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
समारोह का समापन एक विशाल भंडारे के आयोजन से हुआ, जिसमें माँ के भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और सभी ने मिलकर नववर्ष के स्वागत में सामूहिक रूप से भगवान से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। यह आयोजन क्षेत्र के लिए एक श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत उत्सव बनकर उभरा।











