एकता और संकल्प के साथ एनटीपीसी विंध्याचल मे धूम-धाम से मनाया गया नववर्ष 2026

सिंगरौली/ एनटीपीसी विंध्याचल में प्रशासनिक भवन की प्रथम तल की टैरेस पर आयोजित आत्मीय समारोह के साथ नववर्ष 2026 धूम-धाम से मनाया गया। इस अवसर पर केक कटिंग के साथ सादगीपूर्ण किंतु भावपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें संगठन की एकता और सामूहिक संकल्प की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
इस अवसर पर संजीब कुमार साहा, परियोजना प्रमुख(विंध्याचल) द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में डेस्क कैलेंडर–2026 का भव्य अनावरण किया गया। डेस्क कैलेंडर–2026 का यह अनावरण एक महत्वपूर्ण एवं भावनात्मक क्षण रहा, जो एनटीपीसी विंध्याचल की समावेशी विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता और वर्ष भर चलने वाली सीएसआर पहलों का प्रतीक है।
कार्यक्रम में संजीब कुमार साहा, परियोजना प्रमुख(विंध्याचल) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ ए. जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण); एम. सुरेश, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं एडीएम); श्री एस. के. सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं एफएम); सुश्री रूमा दे शर्मा, प्रमुख (मानव संसाधन, विंध्याचल); श्रीमती देबस्मिता त्रिपाठी, अपर महाप्रबंधक (आरएलआई) तथा श्री राकेश अरोड़ा, निदेशक (मानव संसाधन) के वरिष्ठ सहायक की गरिमामयी उपस्थिति रही। विभागाध्यक्षों एवं यूनियन तथा एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की सहभागिता ने आयोजन को और अधिक सार्थक बना दिया।
कार्यक्रम का स्वागत संबोधन करते हुए सुश्री रूमा दे शर्मा, प्रमुख (मानव संसाधन) ने संपूर्ण विंध्याचल परिवार को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इसके पश्चात श्री ए. जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) ने अपने संबोधन में कहा कि विंध्याचल की अधिकांश इकाइयाँ 25 वर्षों से अधिक का परिचालन पूर्ण कर चुकी हैं, अतः अब समय है कि आगामी वर्ष में नए और उच्च प्रदर्शन मानकों की प्राप्ति पर विशेष ध्यान दिया जाए।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में श्री संजीब कुमार साहा, परियोजना प्रमुख (विंध्याचल) ने सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा वैधानिक अनुपालन के महत्व पर बल दिया और टीम विंध्याचल को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने समस्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि एनटीपीसी विंध्याचल की संभावनाओं की कोई सीमा नहीं है।
समारोह का समापन हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में सामूहिक छायाचित्रों के साथ हुआ, जिसमें नववर्ष के प्रति आशा, विश्वास और सामूहिक संकल्प सजीव रूप में कैद हो गया।













