देवसर के पवित्र डेवा धाम में उमड़ा सनातनियों का जनसैलाब
नववर्ष पर स्नान-ध्यान कर श्रद्धालुओं ने किए भोलेनाथ के दर्शन, हर-हर महादेव से गूंज उठा अंचल

सिंगरौली/देवसर मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर घने जंगलों एवं पहाड़ियों के सुरम्य वातावरण में स्थित भगवान भोलेनाथ का प्राचीन एवं पावन तीर्थ डेवा धाम नववर्ष के प्रथम दिन 1 जनवरी 2026 को आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति के विराट संगम का साक्षी बना। नववर्ष के शुभ अवसर पर बाबा भोलेनाथ के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूब गया।
नववर्ष की पावन प्रभात बेला में श्रद्धालुओं ने प्रातःकाल स्नान-ध्यान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण डेवा धाम में विराजमान शिवलिंग के दर्शन मात्र से ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। मंदिर परिसर सहित आसपास का संपूर्ण क्षेत्र दिनभर “ॐ नमः शिवाय” एवं “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान रहा।
इस पावन अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय पाठक, नौढिया मंडल अध्यक्ष रमेश द्विवेदी, सरपंच धनहां रावेंद्र द्विवेदी, अतिंद्र द्विवेदी, शान्तोष द्विवेदी, प्रशांत शुक्ला, संजय द्विवेदी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार साथी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। देवसर क्षेत्र के अलावा आसपास के गांवों एवं जिलों से भी श्रद्धालु परिवार सहित डेवा धाम पहुंचे और बाबा भोलेनाथ के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि, शांति एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। प्राप्त जानकारी के अनुसार नववर्ष के इस पावन दिन पर एक हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने डेवानाथ मंदिर में दर्शन किए। सुबह से ही मंदिर में लंबी कतारें देखने को मिलीं, बावजूद इसके श्रद्धालुओं का उत्साह, आस्था और भक्ति पूरे दिन बनी रही।
प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण डेवा धाम में उमड़ी यह विशाल भीड़ इस बात का प्रतीक है कि क्षेत्र में सनातन परंपरा एवं भगवान भोलेनाथ के प्रति लोगों की आस्था निरंतर सुदृढ़ होती जा रही है। नववर्ष के प्रथम दिन बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर श्रद्धालु वर्षभर सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना के साथ प्रसन्नचित्त होकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।













