“भागीरथपुरा विवाद: कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा, 11 जनवरी को इंदौर में प्रदर्शन की तैयारी”

इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पेयजल की समस्या को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मामले में प्रदेश सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। रविवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में कांग्रेस ने प्रदर्शन किए, हालांकि इंदौर में प्रदर्शन नहीं हुए। शनिवार को पुलिस ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला के निवास पर सुरक्षा बढ़ा दी थी।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अब इंदौर में बड़ा प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। 11 जनवरी को इस आंदोलन की तारीख तय की गई है, और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भी इसमें शामिल होने की संभावना है। आंदोलन की तैयारियों की जिम्मेदारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संभाली है, जो रविवार को इंदौर आए थे और आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने में जुट गए थे। इस सिलसिले में उन्होंने गांधी भवन में एक बैठक भी की।
आरएसएस की निगरानी
इस घटना पर आरएसएस की भी निगरानी है। शनिवार को संघ की एक बैठक हुई, जिसमें अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की शिकायतें पहुंची थीं। संघ ने इस मामले में फीडबैक वरिष्ठ पदाधिकारियों को भेजा है।
भा.ज.पा. की ओर से तूल न देने की अपील
वहीं, भा.ज.पा. संगठन ने इस मामले को अधिक तूल न देने के लिए भाजपा के जनप्रतिनिधियों को मना किया है। शनिवार को भागीरथपुरा में भा.ज.पा. और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने हुए थे, जिसे संगठन ने गंभीरता से लिया। प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद इंदौर में थे और उन्होंने मेयर पुष्यमित्र भार्गव, जलकार्य समिति प्रभारी बबलू शर्मा, और पार्षद कमल वाघेला को अनावश्यक बयानबाजी करने से मना किया है।













