पॉलिटेक्निक अतिथि विद्वान संघ सिंगरौली ने हरियाणा मॉडल लागू करने की मांग

सिंगरौली- म.प्र. के पॉलिटेक्निक अतिथि विद्वान (व्याख्याता) संघ ने प्रदेश के तकनीकी शिक्षा विभाग के शासकीय पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं के भविष्य सुरक्षा के लिए हरियाणा मॉडल लागू करने की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ पस्टारिया ने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिथि विद्वान भी उच्च शिक्षा विभाग के अतिथि विद्वानों की तरह कई वर्षों से कार्यरत हैं, लेकिन उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
संघ के संभाग संयोजक अमित तिवारी ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग के लिए हरियाणा राज्य मॉडल लागू करने के लिए एक समिति गठित की जा चुकी है, जबकि तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए अब तक कोई समिति नहीं बनाई गई है। दोनों विभागों के मंत्री एक ही हैं, फिर भी तकनीकी शिक्षा के अतिथि व्याख्याताओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जो बेहद निंदनीय है।
कालेज संयोजक जयप्रकाश जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के नाम कलेक्टर और विधायक को एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें हरियाणा मॉडल के तहत समिति गठित करने और 65 वर्ष की आयु तक अतिथि व्याख्याताओं का भविष्य सुरक्षित करने की मांग की गई है। संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि इस दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाएं ताकि प्रदेश के तकनीकी शिक्षा विभाग में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं को न्याय मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित किया जा सके।













