सिंगरौली में बाल कल्याण समिति की महत्वपूर्ण बैठक, पॉक्सो-12 सहित कई मुद्दों पर चर्चा

सिंगरौली: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड, आदरणीय अश्वनी दुबे जी के सिंगरौली प्रवास के दौरान बैढ़न स्थित बाल कल्याण समिति के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नगर निगम अध्यक्ष, आदरणीय देवेश पाण्डेय जी ने भी भाग लिया और सभी माननीय सदस्यों के साथ सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एवं नगर निगम अध्यक्ष का अभिनंदन किया।
बैठक में सिंगरौली जिले में बढ़ते हुए पॉक्सो-12 (अपराधों के मामलों में बच्चों के शोषण), चाइल्ड ट्रैफिकिंग, चाइल्ड मैरिज, चाइल्ड लेबर (बाल श्रम) और स्ट्रीट चाइल्ड (सड़क पर रहने वाले बच्चों) के मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान, अधिवक्ता अश्वनी दुबे जी ने अपने अनुभवों और ज्ञान के आधार पर इन मामलों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में कानूनी प्रक्रिया को सशक्त और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है ताकि बच्चों के अधिकारों का सख्ती से संरक्षण हो सके।
बैठक में बाल कल्याण समिति के सभी माननीय सदस्य, जैसे कि सम्माननीय देवधर शर्माजी, श्रीमती पूनम मिश्राजी, श्रीमती पूनम त्रिपाठीजी, श्रीमती रीना सिंहजी, समाजसेवी राजेश दुबेजी, पार्षद आशीष वैश्यजी और सीमा सिंहजी भी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। सभी ने मिलकर इस मुद्दे पर गहरी चर्चा की और इसके समाधान के लिए एकजुट होकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया।बैठक के दौरान सभी ने यह संकल्प लिया कि वे सिंगरौली में पॉक्सो-12 के मामलों में बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयास करेंगे और इसके लिए स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जाएगी। सभी का सहयोग और समर्पण निश्चित ही इस क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगा।इस बैठक से सिंगरौली में बच्चों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, और इस प्रयास में प्रशासन, समाजसेवी संगठनों और नागरिकों का सहयोग आवश्यक रहेगा।













