नेशनल शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज पर यौन शोषण का आरोप, पुलिस ने किया मामला दर्ज

नई दिल्ली: नेशनल पिस्टल कोच अंकुश भारद्वाज पर 17 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर की महिला निशानेबाज से यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी कोच के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। साथ ही, नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, 6 जनवरी 2025 को पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि यह घटना नई दिल्ली स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता के दौरान हुई। एफआईआर के मुताबिक, कोच अंकुश भारद्वाज ने पीड़िता को खेल से संबंधित बातचीत के बहाने फरीदाबाद स्थित एक होटल में बुलाया। पहले उन्हें होटल की लॉबी में मिलने का कहा गया, लेकिन बाद में दबाव डालकर वह उसे अपने कमरे में ले गए, जहां कथित तौर पर यौन शोषण किया गया।
धमकी का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद कोच ने पीड़िता को धमकी दी कि यदि उसने किसी को इस बारे में बताया, तो उसका खेल करियर बर्बाद कर दिया जाएगा और उसके परिवार को भी नुकसान पहुंचाया जाएगा। पीड़िता इस घटना के बाद सदमे में आ गई और होटल से चली गई। इसके बाद उसने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई, जिनके द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
एनआरएआई ने लिया कड़ा एक्शन
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के सचिव पवन कुमार सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने तक अंकुश भारद्वाज को सस्पेंड कर दिया गया है और उन्हें किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी।
पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज
फरीदाबाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर यशपाल यादव ने बताया कि होटल प्रशासन से घटना के दिन के सभी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि आरोपों की पुष्टि की जा सके। पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी कार्रवाई
फरीदाबाद के महिला पुलिस थाना में आरोपी के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस (पॉक्सो) एक्ट की धारा 6 और भारतीय दंड संहिता की धारा 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है, और आरोपी को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर खेलों में सुरक्षा और नाबालिग खिलाड़ियों के संरक्षण की अहमियत को सामने लाती है।













