मोदी ने ट्रंप को कॉल नहीं किया, इसलिए रुकी अमेरिका-भारत ट्रेड डील!

वॉशिंगटन, : अमेरिका और भारत के बीच एक बड़ी ट्रेड डील अब तक फाइनल नहीं हो पाई है, और इसकी वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कॉल न करना बताया जा रहा है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि यह डील किसी पॉलिसी विवाद या अन्य कारणों से नहीं रुकी, बल्कि यह एक “सिंपल कॉल” की वजह से अटक गई। लुटनिक ने बताया कि डील लगभग पूरी हो चुकी थी और मोदी को इसे फाइनल करने के लिए बस ट्रंप को फोन करना था, लेकिन मोदी ने कॉल करने से इंकार कर दिया। इस वजह से ट्रंप इसे व्यक्तिगत रूप से ले गए और डील में देरी हो गई।
लुटनिक ने उदाहरण देते हुए कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने समय पर ट्रंप को कॉल किया, और उनकी डील तुरंत फाइनल हो गई। वहीं, भारत की देरी का फायदा वियतनाम, इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसे देशों ने उठाया और उनके साथ डील साइन हो गई।
पुराने ऑफर खत्म, नई शर्तें हो सकती हैं लागू
अमेरिका ने अब स्पष्ट कर दिया है कि जो शर्तें पहले तय की गई थीं, वे अब खत्म हो चुकी हैं। अगर भारत को अब ट्रेड डील की बात करनी है, तो नई और शायद कठोर शर्तों का सामना करना पड़ सकता है।
टैरिफ और ट्रेड डेफिसिट की स्थिति
अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया है, जिसमें 25% टैरिफ रूस से तेल खरीदने की वजह से है, और बाकी ‘रेसिप्रोकल’ टैरिफ के रूप में। 2024-25 में भारत का अमेरिका के साथ ट्रेड डेफिसिट 41.18 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
इस स्थिति में, मोदी और ट्रंप के बीच कॉल न होने से भारत को अमेरिकी ट्रेड में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, और अमेरिका की नई शर्तों के तहत भारत को अधिक कठिन प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा।













