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भारत-मलेशिया के बीच 6 अहम समझौते, रणनीतिक साझेदारी को मिली नई मजबूती

कुआलालंपुर। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच रविवार को कुआलालंपुर में हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों ने छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों के जरिए भारत और मलेशिया ने सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

प्रधानमंत्री मोदी के दो दिवसीय आधिकारिक मलेशिया दौरे के दौरान हुई विस्तृत वार्ता के बाद इन समझौतों पर मुहर लगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह दौरा भारत-मलेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला अहम पड़ाव साबित हुआ है।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, रक्षा, सुरक्षा, समुद्री सहयोग, ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा डिजिटल और नई तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने पारंपरिक और आधुनिक दोनों क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

दौरे के दौरान सुरक्षा सहयोग, संयुक्त राष्ट्र शांति पहल में सहभागिता, सेमीकंडक्टर विकास, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, आपदा प्रबंधन, भ्रष्टाचार निरोधक प्रयास, ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण, व्यावसायिक शिक्षा तथा मलेशिया में कार्यरत भारतीय श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कई द्विपक्षीय समझौते और एमओयू का आदान-प्रदान किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने यूनिवर्सिटी मलाया में तिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित करने और तिरुवल्लुवर स्कॉलरशिप शुरू करने की घोषणा भी की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य महान तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की शिक्षाओं और दर्शन को बढ़ावा देना तथा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में भारत का पहला नया कॉन्सुलेट खोलने की घोषणा की। इस कदम से दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों को मजबूती मिलने के साथ मलेशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

दोनों देशों के बीच साइबरजया यूनिवर्सिटी और आईटीआरए जामनगर के बीच सहयोग को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है। यह साझेदारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, विशेष रूप से आयुर्वेद में शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी तथा समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ज्ञान साझा करने में मददगार साबित होगी।

आर्थिक और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की सहायक कंपनी एनआईपीएल और मलेशिया की पेनेट ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए द्विपक्षीय भुगतान प्रणाली विकसित करने पर सहमति जताई है। इस पहल से दोनों देशों के व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और व्यावसायिक गतिविधियों में आसानी आएगी तथा कम लागत वाले भुगतान और रेमिटेंस की सुविधा मिलेगी।

दौरे के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों को 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम की रिपोर्ट भी सौंपी गई। इस रिपोर्ट से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने तथा बिजनेस-टू-बिजनेस सहयोग को मजबूत करने के नए अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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