शासन का मेनू बना औपचारिकता, छात्रावास में बच्चों के नाश्ता-भोजन पर गंभीर सवाल
शासकीय जनजातीय जूनियर छात्रावास में भोजन व्यवस्था पर लापरवाही के आरोप

सिंगरौली/देवसर।जनपद पंचायत देवसर की सरई तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत महुआगांव में संचालित शासकीय जनजातीय जूनियर छात्रावास में बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित मेनू के अनुसार नाश्ता और भोजन नहीं दिए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों ने अधीक्षक पर लापरवाही बरतने और भोजन व्यवस्था में अनियमितता का आरोप लगाया है।
छात्रों के अनुसार छात्रावास में कुल 50 सीटें स्वीकृत हैं, जिनमें वर्तमान में लगभग 40 से 45 बच्चे निवासरत हैं। इसके बावजूद सुबह के नाश्ते में केवल चाय और बिस्कुट देकर औपचारिकता निभाई जा रही है। जबकि विभागीय मेनू के अनुसार सप्ताह में चना, ब्रेड-चाय, मूंगफली-चाय, पोहा, लाई-चना, भूना चना आदि देना अनिवार्य है। इसी प्रकार शाम के नाश्ते में मुरमुरे, लाई, चना या नमकीन दिए जाने का प्रावधान है, जो कागजों तक ही सीमित बताया जा रहा है।
भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। छात्रों ने बताया कि प्रतिदिन पतली दाल, आलू की सब्जी, चावल और रोटी ही परोसी जाती है। मेनू के अनुसार महीने में एक दिन विशेष भोजन जैसे खीर, पूड़ी, सेवई, पापड़ और अचार दिया जाना चाहिए, लेकिन यह व्यवस्था धरातल पर दिखाई नहीं देती। आरोप है कि भोजन की मात्रा और गुणवत्ता दोनों ही निर्धारित मानकों से कम हैं।यह भी आरोप लगाया गया है कि अधीक्षक द्वारा कागजों में पूर्ण भोजन दर्शाकर बिल बनाकर राशि आहरित की जा रही है। वहीं विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण को भी केवल औपचारिक बताया जा रहा है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है, ताकि बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।













