कबाड़ियों का आतंक: घरों के बाद अब शमशान घाट भी नहीं सुरक्षित

सिंगरौली। शहर में कबाड़ियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले रिहायशी इलाकों में घरों के खिड़की-दरवाज़े, ग्रिल और लोहे का सामान निशाना बनता रहा, लेकिन अब कबाड़ियों ने शमशान घाट जैसी पवित्र और संवेदनशील जगह को भी नहीं छोड़ा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार शमशान घाट में लगे लोहे के गेट, रेलिंग, एंगल, पाइप और अन्य सामग्री धीरे-धीरे गायब हो रही है। यह सामान चोरी कर कबाड़ी बाजार में बेचा जा रहा है। यह केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक मर्यादा और धार्मिक आस्था पर सीधा हमला माना जा रहा है।
ग्राउंड पर मौजूद लोगों का कहना है कि कई बार इस संबंध में शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक न तो नियमित निगरानी की व्यवस्था हुई और न ही कबाड़ियों के नेटवर्क पर कोई ठोस कार्रवाई देखने को मिली। शमशान घाट जैसी जगह का असुरक्षित होना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि—
👉 कबाड़ियों को इतनी हिम्मत आखिर कहां से मिल रही है ?
👉 क्या अवैध कबाड़ कारोबार को किसी का संरक्षण प्राप्त है ?
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि
अवैध कबाड़ कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए
शमशान घाट और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी बढ़ाई जाए
दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए
अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक इस गंभीर मामले को नजरअंदाज करता है या फिर कबाड़ियों के इस बढ़ते आतंक पर सख्त कार्रवाई करता है।













