गोरहा पहाड़ स्वर्ण खनन परियोजना पर जनसुनवाई आयोजित
पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए ग्रामीणों ने उठाए सवाल, कंपनी ने दिया रोजगार व सुरक्षा का भरोसा

सिंगरौली। जिले की चितरंगी तहसील अंतर्गत गोरहा पहाड़ क्षेत्र में प्रस्तावित स्वर्ण खनन परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति को लेकर जनसुनवाई आयोजित की गई। यह जनसुनवाई मध्य प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ग्राम पंचायत भवन सिलफोरी में कराई गई, जिसमें ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
परियोजना प्रस्तावक मेसर्स कुंदन गोल्ड माइंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गोरहा पहाड़ स्वर्ण खनन ब्लॉक का कुल प्रस्तावित क्षेत्रफल 149.30 हेक्टेयर है। परियोजना के तहत स्वर्ण अयस्क उत्पादन क्षमता 0.13 मिलियन टन प्रतिवर्ष निर्धारित की गई है, जबकि कुल खुदाई 1.12 मिलियन टन प्रतिवर्ष होगी। इसमें 0.13 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क तथा 0.99 मिलियन टन अपशिष्ट सामग्री शामिल है।

तकनीकी आकलन के अनुसार प्रति टन खुदाई से औसतन एक ग्राम सोना मिलने की संभावना है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 1.12 टन सोने का उत्पादन हो सकता है। यदि खनन कार्य 35 वर्षों तक संचालित होता है, तो कुल 39.2 टन सोना निकाले जाने का अनुमान है। वर्तमान बाजार दर के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों पर प्रभाव, रोजगार और संभावित विस्थापन से जुड़े सवाल उठाए। कंपनी प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि खनन कार्य सभी पर्यावरणीय मानकों के तहत किया जाएगा तथा स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि जनसुनवाई में प्राप्त सुझावों और आपत्तियों को रिपोर्ट में शामिल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
— श्री मान सिंह चंदेल, विशेष संवाददाता, सिंगरौली













