मध्य प्रदेशसिंगरौली

माड़ा वन परिक्षेत्र में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

अवैध लकड़ी व वाहन जब्त, वन अमले से मारपीट और ट्रैक्टर छुड़ाने का सनसनीखेज मामला

सिंगरौली।माड़ा वन परिक्षेत्र में अवैध लकड़ी कटाई और रेत के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ वन विभाग द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। बीते दो दिनों में सामने आए घटनाक्रम ने एक ओर जहां वन विभाग की सक्रियता को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर संगठित माफियाओं के बढ़ते हौसले, कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वन परिक्षेत्राधिकारी माड़ा के निर्देशन में लगातार की जा रही रात्रि गश्ती के दौरान अवैध लकड़ी जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जबकि इससे एक दिन पहले रेहंद नदी क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते ट्रैक्टर को जब्त करने के बाद उसे बलपूर्वक छुड़ाने, वन कर्मचारियों से मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

रात्रि गश्ती में साल की लकड़ी और मोटरसाइकिल जब्त।

वन विभाग के अनुसार 6 फरवरी 2026 की रात बिंदुल रोड क्षेत्र में रात्रि गश्ती के दौरान एक मोटरसाइकिल पर ले जाई जा रही साल प्रजाति की लकड़ी की पटरी पकड़ी गई। मौके से संतोष यादव पिता रामदास यादव, निवासी ग्राम छतौली को हिरासत में लिया गया। अवैध लकड़ी के साथ प्रयुक्त मोटरसाइकिल को जब्त कर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।इस कार्रवाई में बीटगार्ड ए.पी. सिंह (बिंदुल बीट),बीटगार्ड प्रवीण गुप्ता (छतौली बीट),बीटगार्ड कुसुम लाल कोल (मथानीडांड बीट),सुरक्षा श्रमिक उमेश वैश्य एवं सुरक्षा श्रमिक रमेश वैश्यशामिल रहे। पूरी कार्रवाई वन परिक्षेत्राधिकारी माड़ा के निर्देशन में संपन्न हुई।

एक दिन पहले ट्रैक्टर छुड़ाने का बवाल

इससे पहले 5 फरवरी 2026 की रात मकरोहर बीट क्षेत्र अंतर्गत रेहंद नदी से अवैध रेत परिवहन की सूचना पर वन विभाग की टीम ने एक ट्रैक्टर को रेत सहित जब्त किया था। इस कार्रवाई में बीटगार्ड ए.पी. सिंह और बीटगार्ड प्रवीण गुप्ता सहित अन्य स्टाफ व चौकीदार मौजूद थे।कार्रवाई के कुछ ही समय बाद 10 से 15 लोगों का संगठित समूह मौके पर पहुंचा और बल प्रयोग करते हुए ट्रैक्टर को छुड़ा ले गया।

मारपीट, धमकी और मोबाइल छीने जाने का आरोप

वन कर्मचारियों का आरोप है कि ट्रैक्टर छुड़ाने के दौरान आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी।आरोपियों द्वारा कर्मचारियों के मोबाइल फोन छीन लिए गए, वीडियो रिकॉर्डिंग बंद करवाई गई और कथित तौर पर रिकॉर्ड किए गए वीडियो भी डिलीट कराए गए।इतना ही नहीं, ट्रैक्टर चालक को जबरन दूसरी गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया, जिसके बाद आरोपी ट्रैक्टर लेकर फरार हो गए।

मकरोहर बीटगार्ड की गैरमौजूदगी पर उठे गंभीर सवाल

स्थानीय सूत्रों की माने तो इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम और चिंताजनक तथ्य यह सामने आया है,कि घटना के समय मकरोहर बीट के बीटगार्ड न तो बीट मुख्यालय पर मौजूद थे और न ही कार्रवाई में शामिल हुए। सूचना मिलने के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचना अब विभागीय जांच का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मकरोहर बीट क्षेत्र में जब से नए बीटगार्ड की पदस्थापना हुई है तब से अवैध रेत और लकड़ी का कारोबार सक्रिय हुआ है और बीट स्तर की भूमिका को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कर्मचारियों ने सौंपा लिखित शिकायत पत्र

घटना के बाद वन विभाग के पीड़ित कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत पत्र सौंपते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। वहीं ट्रैक्टर छुड़ाने, मारपीट और धमकी के मामले में संबंधित थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल

क्षेत्र में खुलेआम हो रहे अवैध रेत परिवहन और ट्रैक्टर छुड़ाने जैसी घटनाओं ने कहीं न कहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान छोड़ दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो माफियाओं के हौसले और बुलंद होंगे, जिससे भविष्य में किसी बड़ी और गंभीर घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

जांच के दायरे में पूरा मामला — डीएफओ

इस पूरे मामले में जिला वनमंडलाधिकारी सिंगरौली ने बताया कि अवैध लकड़ी जब्ती, ट्रैक्टर छुड़ाने की घटना, कर्मचारियों से बदसलूकी और उनकी सुरक्षा व्यवस्था,सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
माड़ा वन परिक्षेत्र की यह घटना न सिर्फ अवैध कारोबारियों की बढ़ती दबंगई को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि जंगल और नदी क्षेत्रों की सुरक्षा में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है। अब पूरे मामले में वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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