अभियोजन की एक दिवसीय विधिक कार्यशाला आयोजित
चालान स्क्रूटनी व एससी-एसटी व एनडीपीएस एक्ट पर दिया गया प्रशिक्षण

सिंगरौली। जिला अभियोजन संचालनालय सिंगरौली द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम बैढ़न में एक दिवसीय विधिक दक्षता एवं ज्ञान संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। लोक अभियोजन मध्यप्रदेश के संचालक बी.एल. प्रजापति के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारियों को अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा एनडीपीएस एक्ट की महत्वपूर्ण धाराओं के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी एक्ट) खालिद मोहतरम अहमद ने पुलिस अधिकारियों को एससी-एसटी एक्ट की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस व न्यायालय के बीच समन्वय को न्याय प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने पुलिस कार्य को न्याय प्रदान करने का महत्वपूर्ण दायित्व बताते हुए समर्पण भाव से कार्य करने पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) उमेश सोनी ने एनडीपीएस एक्ट की बारीकियों और ई-फाइल के माध्यम से न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने कहा कि “अर्नेश कुमार बनाम स्टेट ऑफ बिहार” निर्णय पुलिस के लिए बाधक नहीं बल्कि सहायक है।
पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि जिले में लंबित मामलों की संख्या लगातार कम हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सीएम हेल्पलाइन में सिंगरौली जिला लगातार पांचवीं बार प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। साथ ही नशामुक्त अभियान को सफल बनाने में पुलिस और अभियोजन की संयुक्त भूमिका पर बल दिया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विशाल रिछारिया ने समंस व वारंट की समयबद्ध तामील, चालान प्रस्तुत करने की समय-सीमा तथा गवाहों की प्रतिपरीक्षण प्रक्रिया की जानकारी दी।
कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए तथा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यशाला का आयोजन प्रभारी सहायक निदेशक अभियोजन संजीव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में हुआ, जबकि संचालन रामानंदधर द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम में पुलिस एवं अभियोजन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।













